सोनभद्र में सीपीआर पर आधारित प्रशिक्षण:डॉक्टर बोले-सीपीआर से जान बचाना होगा सम्भव

सोनभद्र2 महीने पहले
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सोनभद्र में सीपीआर पर आधारित प्रशिक्षण। - Dainik Bhaskar
सोनभद्र में सीपीआर पर आधारित प्रशिक्षण।

कलेक्ट्रेट के सभागार में राजकीय चिकित्साधिकारी डॉ. शिव शक्ति द्विवेदी ने सभागार में उपस्थित सभी कर्मचारियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रेससिटेशन) के बारे में जानकारी दी। बताया कि यह आमतौर आपातकालीन स्थिति में प्रयोग किया जाता है, जब किसी व्यक्ति की धड़कन या सांस रूक जाती है, तब सीपीआर का प्रयोग किया जाता है। इसमें बेहोश व्यक्ति को सांसें दी जाती हैं। इससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती है। सांस वापस आने तक या दिल की धड़कन सामान्य होने तक छाती को दबाया जाता है। इससे ऑक्सीजन वाला खून संचारित होता रहता है।

डॉ द्विवेदी ने बताया कि सीपीआर एक जीवनदायी तकनीक है, जो कई आपात स्थितियों में उपयोगी है। दिल का दौरा या डूबने से किसी की सांस या दिल की धड़कन रुकने पर सीपीआर मस्तिष्क व अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजनयुक्त रक्त प्रवाह रख सकता है। वास्तव में जब दिल काम करना बंद कर देता है तो आक्सीजन की कमी से कुछ ही मिनटों में मस्तिष्क की क्षति हो सकती है।

शिव शक्ति द्विवेदी को प्रशस्ति पत्र दिया

इस हालत में व्यक्ति की 8 से 10 मिनट के भीतर मृत्यु की आशंका होती है ऐसे स्थिति में अगर सीपीआर दिया जाता है तो कई जान बचाई जा सकती है इस दौरान उन्होंने डेमो के माध्यम से भी सीपीआर विधि को समझाया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी सहदेव कुमार मिश्र एवं जिला विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान ने संयुक्त रूप से डा0 शिव शक्ति द्विवेदी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

एडीएम ने डॉक्टर का आभार जताया

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सीपीआर पर आधारित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. द्विवेदी द्वारा सीपीआर विधि के माध्यम से हम दुर्घटना में घायल या हार्ट अटैक के मरीज को किस प्रकार से सुरक्षित रख सकते हैं। इसके सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ने डॉ. शिव शक्ति द्विवेदी के आभार भी व्यक्त किए।

बैठक में शामिल अधिकारी

बैठक में उपस्थित जिला विकास अधिकारी श्री शेषनाग चौहान, उप जिलाधिकारी सदर रमेश कुमार, जिला अल्प संख्यक अधिकारी श्री राजेश कुमार खैरवार, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री सुशील सिंह, श्रीराम लाल प्रशासनिक अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री अनिल कुमार गुप्ता, अपर जिला सूचना अधिकारी श्री विनय कुमार सिंह, श्री अमूल वर्मा नाजिर सहित समस्त कलेक्ट्रेट के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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