डॉ. मार्कंडेय राम पाठक शिमला में सारस्वत सम्मान से सम्मानित:शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए किए गए विभूषित, कहा- सोनभद्र की मिट्टी का सम्मान

सोनभद्र2 महीने पहले
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सोनभद्र के प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक रामनाथ पाठक के पुत्र डॉ. मार्कंडेय राम पाठक को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अखिल भारतीय सारस्वत परिषद ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में सारस्वत सम्मान से विभूषित किया है। भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया काशी हिंदू यूनिवर्सिटी में लंबे समय तक विभिन्न पदों पर सेवारत रह कर उत्कृष्ट और उल्लेखनीय कार्य करने के लिए उपरोक्त संस्था ने डॉ. मार्कंडेय राम पाठक को सम्मानित किया है।

सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय बौद्धिक प्रमुख राष्ट्र ऋषि स्वांत रंजन एवं समारोह की अध्यक्षता कर रहे हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संत प्रकाश बंसल ने अंगवस्त्रम, सारस्वत सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह देकर डॉ. मार्कंडेय राम पाठक को सम्मानित किया। इस दौरान देश भर के विभिन्न प्रांतों से सैकड़ों की संख्या में शिक्षाविद व भारतीय सनातन संस्कृति के उपासक प्रबुद्ध जन सम्मान समारोह के साक्षी बने।

सोनभद्र की मिट्टी का सम्मान
डॉ. मार्कंडेय राम पाठक ने बताया कि महामना मालवीय जी के विद्या मंदिर काशी हिंदू विश्वविद्यालय की सेवा के परिणाम स्वरूप प्राप्त होने वाला यह सम्मान विंध्याचल मंडल के सोनभद्र की मिट्टी का सम्मान है।

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