बेटों की दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा जूतियां व्रत:निर्जला व्रत रखकर किया पूजा- पाठ, इस व्रत को रखने से बेटों पर आने वाला संकट जाता है टल

ओबरा15 दिन पहले
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सोनभद्र में बेटे की दीर्घायु, सुख और समृद्धि की कामना लेकर माताओं ने जूतियां व्रत रखा। सभी माताओं ने पूजा-पाठ के बाद जिऊतिया की कथा सुनी और महिलाओं ने प्रतीक के रूप में सोने और चांदी की जिउतिया गले में पहनी। पौराणिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से बेटों पर आने वाला संकट टल जाता है।

आज रविवार को नगर सहित आसपास हाइडल कॉलोनी चोपन बैरियर सिंदुरिया इत्यादि जगहों से महिलाओं ने जीवित्पुत्रिका का निर्जला व्रत रखा। इस मौके पर सोन नदी स्नान और पूजा-पाठ के बाद जिउतिया की कथा का श्रवण किया। महिलाओं ने प्रतीक के रूप में सोने या चांदी की जिउतिया गले में धारण किया। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पुत्र पर आने वाला संकट भी टल जाता है।

जिउतिया की कथा सुनती महिलाएं
जिउतिया की कथा सुनती महिलाएं

माताओं ने बेटों के लिए सुबह से रखा निर्जला व्रत
इस पर्व के मद्देनजर महिलाओं ने रविवार की भोर से ही निर्जला व्रत किया। दोपहर बाद महिलाएं सोन नदी स्नान के लिए विभिन्न घाटों पर पहुंची। स्नान के बाद पूजा-पाठ और दान-पुण्य किया। इसके बाद सोन नदी घाटों, घरों और मंदिरों में ब्राह्मण से जिउतिया की कथा सुनी। इसके बाद पूजा की थाली या पात्र में रखे सोने या चांदी के जिउतिया को महिलाओं ने धारण किया। जिस महिला के जितने पुत्र होते हैं, वह उतनी संख्या में जिउतिया को धारण करती हैं।

इस अवसर पर समाजसेवी प्रदीप अग्रवाल नमामि गंगे जिला संयोजक महेंद्र केसरी कृष्ण केशव दास जी महाराज प्रदीप गिर आर्यन दुबे शिवम शर्मा सहित स्थानीय प्रशासन के लोग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चाक-चौबंद दिखे।

जीवित्पुत्रिका के व्रत की पूजा करती महिलाएं।
जीवित्पुत्रिका के व्रत की पूजा करती महिलाएं।
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