जयसिंहपुर में भटमई मार्ग पर पैदल चलना मुश्किल:बोल्डर धंसने से गड्ढों में तब्दील हुई सड़क, छात्र बोले- विद्यालय जाते समय खराब हो जाते हैं कपड़े

जयसिंहपुर12 दिन पहले
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जयसिंहपुर-भटमई जर्जर होने के चलते राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मूंगर से पलिया तक सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि इस पर पैदल चलना मुश्किल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सड़क की मरम्मत के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन उन्हें जान जोखिम में डालकर सड़क पर सफर करना पड़ रहा है।

ग्रामीण इलाकों की सड़कों के नाम पर हर साल लाखों रुपए का बजट पास होता है। बावजूद इसके जयसिंहपुर क्षेत्र की अधिकांश सड़कों की हालत खस्ता है। जयसिंहपुर से सुदनापुर का सफर तय करने में महज 20 से 25 मिनट का समय लगता है। लेकिन सड़क की हालत दयनीय होने के चलते। 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे से ऊपर का समय लग जाता है। मूंगर से पलिया तक करीब चार किलोमीटर की सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और डामर उखड़ गया है। बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।

सड़क पर बड़े-बड़े खड्डे हैं।
सड़क पर बड़े-बड़े खड्डे हैं।

राहगीर आए दिन होते हैं हादसे का शिकार
सड़क निर्माण में लगाए गए बोल्डर उखड़ना शुरू हो गए हैं। गड्ढों में पानी भरे होने की वजह से सड़क ही नहीं दिखती। दो पहिया वाहन चालक और साइकिल सवार आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत और बदतर होती जा रही है। मार्ग खराब होने से मरीज, छात्र और आम नागरिक परेशान हैं। यह सड़क टांडा-बांदा और अयोध्या-प्रयागराज मार्ग को जोड़ता है। जिसके चलते इस पर रोजाना हजारों राहगीरों का आवागमन बना रहता है।

छात्रों को होती है ज्यादा परेशानी
पलिया, भटमई, मूंगर में कई शैक्षणिक संस्थान होने के चलते स्कूली छात्र-छात्राओं का भी इसी मार्ग से आना जाना लगा रहता है। कक्षा 10 के छात्रों सलिल, राज गौतम और अर्पित वर्मा ने बताया कि वह अपने गांव से साइकिल लेकर विद्यालय आते हैं। रास्ता खराब होने के चलते वह कई बार चोटिल होने से बचे हैं। छात्रों ने बताया कि बारिश में गड्ढों में पानी भर जाता है। स्कूल जाते समय वाहनों के आवागमन से अक्सर उनके कपड़े भी खराब हो जाते हैं। छात्रों ने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से सड़क बनवाने की मांग की है।

सड़क पर इन गढ्ढों की वजह से आए दिन हादसे होते हैं।
सड़क पर इन गढ्ढों की वजह से आए दिन हादसे होते हैं।

अक्टूबर माह में सड़क बनने की संभावना
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई राज किशोर सिंह ने बताया कि सड़क के सर्वे का काम हो चुका है। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। अबकी बार सड़क का निर्माण कार्य नई तकनीक से किया जाना है। निर्माण के समय सड़क की चौड़ाई भी बढ़ाई जाएगी। अक्टूबर माह में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

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