ये सरकारी कर्मचारी, 3 माह से न वेतन न काम:सुल्तानपुर में जल निगम से कार्यमुक्त किए गए 44 कर्मचारी, नगर पालिका का लेने से इनकार

सुल्तानपुर5 महीने पहले
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ये सरकारी कर्मचारी, 3 माह से न वेतन न काम - Dainik Bhaskar
ये सरकारी कर्मचारी, 3 माह से न वेतन न काम

सूबे में लाखों नौकरी देने की होर्डिंग्स लगी हैं। सरकार दावा कर रही है कि उसने हर क्षेत्र में रोजगार दिया है, लेकिन सुल्तानपुर से अलग तस्वीर सामने आई है। यहां जल निगम के 44 कर्मचारियों को कार्यमुक्त करके नगर पालिका में ज्वाइनिंग के लिए भेजा गया। जहां नगर पालिका ने इन्हें यह कहकर काम पर रखने से मना किया है कि उसके पास वित्तीय संकट है। वो अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहा है। ऐसे में अब इन कर्मचारियों के आगे खाने के लाले पड़ गए हैं।

1,238 कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति का निर्देश

जानकारी के अनुसार, अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर जल निगम के 1,238 कर्मचारियों को प्रदेश भर में बॉडी शॉपिंग के आधार प्रतिनियुक्ति पर भेजने का निर्देश हुआ था। इस बाबत विभाग की ओर से 18 अक्टूबर को एक पत्र नगर पालिका सुल्तानपुर के अधिकारी के नाम जारी हुआ। पत्र में कहा गया कि 15 फील्ड कर्मचारियों को बॉडी शॉपिंग के आधार पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर कार्यभार ग्रहण कराया जाए।

7 दिसंबर को नगर पालिका की ओर से इसका जवाब पत्र के माध्यम से दिया गया। जिसमें नगर पालिका में कार्यरत नियमित, संविदा और आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को वेतन-पेंशन और अन्य देयों के भुगतान के संदर्भ में आर्थिक समस्या के बारे में बताया गया था। यह भी हवाला दिया गया कि शासन से निरंतर धनराशि कम हो रही है। जिससे पालिका के कर्मचारियों को वेतन देना कठिन हो गया है। ऐसे में इन 15 कर्मचारियों को कार्यभार ग्रहण कराना संभव नहीं है।

जिलाध्यक्ष ने दी जानकारी

वहीं जल निगम कर्मचारी और लाल झंडा मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष सुरेश द्विवेदी ने बताया कि हम उत्तर प्रदेश जल निगम के कर्मचारी हैं। हम लोगों को रिलीव कर दिया गया है। जबकि ईओ नगर पालिका शासकीय अधिकारियों को स्पष्ट लिख चुके हैं कि हम जल निगम के 15 नियमित कर्मचारियों को नहीं लेंगे, क्योंकि हमारे पास धन का संकट है। हमारे यहां जो कर्मचारी हैं, हम उन्हें ही वेतन देने में असमर्थ हैं।

लगातार 3 महीने से कर्मचारी परेशान

अधिशासी अभियंता ने उस पत्र पर अपने समक्ष अधिकारियों से मार्ग दर्शन मांगा और बगैर विचार किए हम लोगों को नगर पालिका में ज्वाइन करा दिया। वहां स्पष्ट रूप से कहा गया कि हम कोई कार्य नहीं देंगे, क्योंकि हमने पूर्व में ही पत्र लिख दिया है हम लेंगे नहीं। अब हम भटक रहे हैं। लगातार तीन महीने से हम लोग परेशान हैं। न तो वेतन मिल रहा और पद से निम्न पद पर भेजा गया।

44 कर्मचारी कार्यमुक्त किए गए हैं

उन्होंने बताया कि 19 कर्मचारी अयोध्या, 11 कर्मचारी वाराणसी में हैं। सबका यही हाल है। इस बाबत जल निगम के अधिशासी अभियंता डॉ. आरएस यादव ने बताया कि कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर कार्य मुक्त किया गया है। सुल्तानपुर से 44 कर्मचारी कार्यमुक्त किए गए हैं। अधिशासी अधिकारी को पत्र जारी किया गया है। उनसे कहा गया है कि उनसे आप कार्य लें।

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