लेखपालों की कारगुजारी बनी जीरो टॉलेंस पर:3 महीने में एंटी करपशन ने दो लेखपालों को दबोचा, हाकिम मौन

सुल्तानपुरएक महीने पहले
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बल्दीराय में गिरफ्तार हुआ था लेखपाल। - Dainik Bhaskar
बल्दीराय में गिरफ्तार हुआ था लेखपाल।

लेखपालों में घूस की भूख ऐसी बढ़ती जा रही कि महकमे की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। आए दिन इनके भ्रष्टाचार से सरकार के जीरो टॉलेंस पर भी सवाल उठने लगे हैं। तीन महीने के भीतर यहां दो लेखपालों को एंटी करपशन की अलग-अलग टीमों ने पकड़कर कार्रवाई भी किया है। लेकिन इसके बाद हाकिम हैं जो अपने कर्मियों को लेकर जरा भी सख्त नहीं दिख रहे।

बल्दीराय में पकड़ा गया लेखपाल कमलेश

बुधवार को यहां बल्दीराय तहसील से लखनऊ की एंटी करपशन टीम ने क्षेत्र के दक्खिनवारा में तैनात लेखपाल कमलेश सरोज को गिरफ्तार किया। टीम लेखपाल को लेकर कूरेभार थाने पहुंची और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा कर तमाम कार्रवाई की। दरअस्ल दक्खिनवारा के प्रधान कमलेश यादव के बेटे विनोद ने लेखपाल के खिलाफ एंटी करपशन में इस बात को लेकर शिकायत की थी कि क्षेत्र में जूनियर हाईस्कूल की बाउंड्रीवाल बनाने के लिए जमीन की पैमाईश के लिए लेखपाल पांच हजार की मांग कर रहे हैं। जिस पर एंटी करपशन ने फील्ड जमा कर उसे दबोच लिया।

अशोक को गिरफ्तार कर ले गई थी टीम।
अशोक को गिरफ्तार कर ले गई थी टीम।

जुलाई में गिरफ्तार हुआ था लेखपाल अशोक

इससे पूर्व 21 जुलाई को शहर स्थित तहसील गेट के पास से गोरखपुर एंटी करपशन की टीम ने लेखपाल संघ के पूर्व अध्यक्ष व नकराही के लेखपाल अशोक सिंह को 25 हजार रुपए घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था। लेखपाल के विरुद्ध गोसाईगंज थाने में प्रभारी निरीक्षक राजेश त्रिपाठी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था। लेखपाल अशोक के विरुद्ध कोतवाली देहात के लोलेपुर निवासी शिकायतकर्ता शमीम हाशमी ने शिकायत की थी।

विपक्षी से मिले होने का था आरोप

आरोप था कि थाना क्षेत्र के नकराही निवासी बहादुर अली ने अपनी एक भूमि का बैनामा नैनुल निशां को किया था। बैनामें के बाद विपक्षी जावेद उसमें अपना हिस्सा बताते हुए आपत्ति जता रहे थे। इसकी शिकायत पुलिस तक पहुंची तो पुलिस ने पैमाइश कराने की बात कही। तब मामला तहसील में पहुंचा जब लेखपाल को नपाई करने को कहा गया तो वो पैसों की मांग करने लगा।

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