सुल्तानपुर के निशान्त द्विवेदी ने पेश की मिसाल:झुग्गी झोपड़ियों के बच्चों के साथ किया बर्थ डे सेलिब्रेट, आधा दर्जन साथियों संग किया रक्तदान

सुल्तानपुर5 महीने पहले
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जिले में भी ऐेसे कुछ लोग हैं, जो रक्तदान के लिए जाने जाते हैं। समय-समय पर रक्तदान करके दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए कदम बढ़ाते हैं। न तो जान-पहचान देखते हैं न तो नाते और रिश्तेदारी। इनका उद्देश्य सिर्फ लोगों की जान बचाना होता है। इस कड़ी में एक नाम युवा समाजसेवी निशान्त द्विवेदी का है। जिन्होंने अपने बर्थ डे पर आधा दर्जन साथियों के साथ रक्तदान किया।

रक्तदान कर अनजान से बना लेते हैं खून का रिश्ता

रक्तदान के मौके पर निशान्त ने कहा कि रक्तदान महादान इसलिए कहलाता है क्योंकि हमारा रक्त मुसीबत में किसी के काम आता है और हम एक अनजान से खून का रिश्ता बना लेते हैं। वही समर्थ तिवारी का कहना है कि नेकी कर दरिया में डाल यानी लोगों की साफ और भले मन से मदद करना ही सच्ची सेवा है।ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि रक्तदान को जीवन की दैनिक क्रिया के रूप में ले और समय समय पर रक्तदान जरूर करे। इसी के साथ वर्तमान समय में नौजवान बच्चे जन्मदिन मनाने के लिए फिजूल खर्च कर दिखावे के लिए घूमने जाते हैं और एक प्रकार से धन का अपव्यय कर जन्मदिन मनाते हैं। लेकिन इसके उलट समाजसेवी निशांत ने अपना जन्मदिन मनाने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने अपने दोस्तों के साथ उन बच्चों के बारे में जन्मदिन मनाने का सोचा जिन्हें अच्छे फल और पौष्टिक आहार नसीब नहीं होता।

झुग्गियों में रहने वाले बच्चों संग काटा केक।
झुग्गियों में रहने वाले बच्चों संग काटा केक।

बच्चों संग काटा केक

शहर के पयागीपुर में झुग्गी झोपड़ियों में व बाल सृजन 1.0 मुहिम शिक्षा ले रहे करीब 60 बच्चों संग पहले केक काटा फिर बच्चों को सेब व फ्रूटी का वितरण किया। इस मौके पर बाल सृजन मुहिम संरक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि अक्सर झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा नसीब नही होती है इसलिए हमारी युवाओं की टीम पिछले 15 दिनों से बच्चों को शिक्षा का अधिकार देने के लिए काम कर रही है और हम बच्चों को शिक्षा देने के साथ ही अन्य पहलुओं पर काम कर रहे है। इस मौके पर अभिषेक सिंह, अंजनी तिवारी, ज्ञानेंद्र सिंह, अभिषेक मिश्रा अर्पित वर्मा, मयंक द्विवेदी, रजत गौतम, प्रज्ज्वल, एकांश सिंह, विपिन मौजूद रहे।

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