हर ओर गूंजी या हुसैन की सदाए:सुल्तानपुर में चेह्ल्लुम का निकला जुलूस, नौहा-मातम के साथ पेश किया खराजे अकीदत

सुल्तानपुर16 दिन पहले
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सुल्तानपुर में आज शहर के खैराबाद स्थित इमामबारगाह अबूतालिब से अरबाईन का जुलूस निकाला गया। जिसमें अंजुमन गुंचए मजलूमिया ने नौहा मातम किया। मजलिस को मस्जिद मीर बंदे हसन के पेश इमाम मौलाना बबर अली खान ने खिताब किया।

कैद किए गए थे बच्चे औरतें

उन्होंने बताया कि 10 मोहर्रम सन 61 हिजरी में यजीद ने इमामे हुसैन और उनके 71 साथियों को कत्ल कराया था। ठीक दूसरे दिन उनकी औरतों-बच्चों को कैदी बनाकर कूफा और कूफे से शाम ले गए। शाम (दमिश्क) में जिंदाने शाम में सबको एक साल तक कैद रखा। औरतों बच्चों को कम से काम खाना पानी दिया जाता था। इसी जिंदाने शाम में इमाम हुसैन की बेटी का इन्तेकाल हुआ जिसे यही दफ्न किया गया।

बच्चों ने भी उठाए नामे हुसैन के परचम।
बच्चों ने भी उठाए नामे हुसैन के परचम।

एक साल बाद मिली रिहाई

एक साल तक इस जिंदान में कैद रखने के बाद यजीद ने एक दिन इमाम हुसैन के बेटे इमामे सज्जाद को बुलाया और हत्थकड़ी बेड़ी को कटवाकर कहा कि हमने तुम्हें आजाद कर दिया। इसके बाद लूटे हुए सामान व चादरें वापस की गई। जिसके बाद काफिला आज के दिन कर्बला पहुंचा था। इमामे हुसैन की बहन ने यहां नौहा-मातम किया था।

बड़ी संख्या में चेह्ल्लुम के जुलूस में जमा हुए लोग।
बड़ी संख्या में चेह्ल्लुम के जुलूस में जमा हुए लोग।

इन इलाकों में भी निकला जुलूस

आज खैराबाद के अलावा अलीगंज, मनियारपुर, अमहट, अलीगढ़, भाईं, वलीपुर, सुरौली आदि स्थानो पर जुलूस निकाला गया। वहीं डिहवा मोहल्ले से भी सुन्नी समुदाय ने जुलूस निकाला जो विभिन्न रास्तों से होते सीताकुंड स्थित कर्बला में समाप्त हुआ। जुलूस में अजादार हुसैन, मुजाहिद अकबर, डॉ. नैयर रजा, मुन्ने हसन खान, आलम रिजवी, आसिम सज्जाद आदि मौजूद रहे।

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