कांग्रेस से टिकट के लिए रची गोलीकांड की साजिश:सुल्तानपुर में PM को काला झंडा दिखाने वाली कांग्रेस नेत्री झूठी निकली, 2 लोगों से चलवाई थी गोली

सुल्तानपुर4 महीने पहले
पुलिस ने कूटरचित जानलेवा हमले के मामले में कांग्रेस नेता रीता यादव को जेल भेज दिया है। उसके साथ ड्राइवर मुस्तकीम और धर्मेंद यादव को भी गिरफ्तार किया है, जो उसके षड्यंत्र में शामिल थे। 

सुल्तानपुर में कांग्रेस नेता के साथ हुए गोलीकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस से विधानसभा का टिकट पाने के लिए कांग्रेस नेता ने खुद पर गोली चलवाया था। पुलिस ने कूटरचित जानलेवा हमले के मामले में कांग्रेस नेता रीता यादव को जेल भेज दिया है। उसके साथ ड्राइवर मुस्तकीम और धर्मेंद यादव को भी गिरफ्तार किया है, जो उसके षड्यंत्र में शामिल थे। धर्मेंद्र यादव ने गोली चलाई थी। वह कांग्रेस नेत्री के गांव के पास रहता है।

दरअसल, 3 जनवरी को कांग्रेस नेता रीता यादव ने पुलिस को बताया था कि उनको बदमाशों ने गोली मार दी। गोली उनके पैर में लगी। उन्होंने थाना चांदा में अज्ञात हमलावरों के गोली मारने की FIR दर्ज कराई थी। पुलिस को जांच में घटना संदिग्ध लगी थी।

3 जनवरी को कांग्रेस नेता रीता यादव ने पुलिस को बताया था कि उनको बदमाशों ने गोली मार दी।
3 जनवरी को कांग्रेस नेता रीता यादव ने पुलिस को बताया था कि उनको बदमाशों ने गोली मार दी।

पुलिस को अलग-अलग बयान दिए

लंभुआ सर्किल क्षेत्र के सीओ सतीश चंद शुक्ला ने बताया कि घटनास्थल से सीएचसी की दूरी एक किमी थी। यहीं से शक की सुई घूमी। रीता के पैर में गोली लगी थी। अक्सर पुलिस मुठभेड़ में गन पाइंट यहीं रहता है। यह एंगल जांच का विषय बना। सीएचसी से अस्पताल रीता ने दो अलग-अलग बयान दिए। बाद में उसने बयान दर्ज कराने में आनाकानी की। रीता के ड्राइवर मो. मुस्तकीम को उठाया तो प्लान के बाद गोली मारने का खुलासा किया।

पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

कांग्रेस ने स्मृति ईरानी पर साधा था निशाना

कांग्रेस नेत्री रीता यादव को गोली मारे जाने के मामले में कांग्रेस मुखर हो गई थी। घटना के दो घंटे के अंदर यूपी कांग्रेस ने दो ट्‌वीट किए गए। दोनों ही ट्वीट में कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को निशाना बनाया। ट्वीट में लिखा गया था कि 'प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखाने वाली कांग्रेस नेता रीता यादव को सुल्तानपुर में गोली मार दी गई। उसी क्षेत्र में गुंडाराज की केंद्रीय संरक्षक बनकर स्मृति ईरानी बता रही हैं कि उन्हें एक महिला को गोली मारे जाने से नहीं, जंगलराज से नहीं, महिलाओं के सशक्तिकरण से बड़ी परेशानी है।'

बेटियां सहने को तैयार नहीं

वहीं, दूसरे ट्वीट में इस बात का जिक्र था कि जिस गुंडाराज ने महिला नेताओं की साड़ी खींचने वाले, गोली मारने वाले हैवान पाले हों, वहां लड़कियों को लड़ना पड़ेगा। स्मृति ईरानी अब 'पुराने जमाने की सास' चाहे जितना कहे कि 'बेटी सह लो', बेटियां सहने को तैयार नहीं हैं, इसलिए वे #लड़कीहूँ लड़सकतीहूं का नारा बुलंद कर रही हैं।

कांग्रेस ने भाजपा को भी घेरा था

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा को घेरा। कांग्रेस ने जेपी नड्‌डा को टैग करते हुए ट्वीट किया। इसमें लिखा- जेपी नड्‌डाजी, लड़कियों को लड़ने से आपकी पार्टी के जंगलराज में भाड़े के गुंडे रोक रहे हैं। महिलाओं की साड़ी खींचने वाले कायरों से इसी कायरता की उम्मीद है। बेटियों की एकजुटता से डरे कायर अब बेटियों पर गुंडे छोड़ रहे हैं।

16 नवंबर को पीएम मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के लिए सुल्तानपुर पहुंचे थे। इस दौरान रीता यादव ने उन्हें काला झंडा दिखाया था।
16 नवंबर को पीएम मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के लिए सुल्तानपुर पहुंचे थे। इस दौरान रीता यादव ने उन्हें काला झंडा दिखाया था।

पूर्वांचल एक्सप्रेस के लोकार्पण पर दिखाया था काला झंडा

16 नवंबर को पीएम मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करने के लिए सुल्तानपुर पहुंचे थे। इस दौरान रीता यादव ने उन्हें काला झंडा दिखाया था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था और दो दिनों बाद उनकी बेल हुई थी। घटना के एक महीना बाद तक वह सपा में रहीं, लेकिन सम्मान नहीं मिलने पर वो 17 दिसंबर को लखनऊ में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा से मिलीं और कांग्रेस ज्वॉइन की थी।।

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