सुल्तानपुर…किसानों ने चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान:12 गांवों के किसान नहीं करेंगे मतदान, गांव को लंबी दूरी वाली तहसील से जोड़ेने से हैं नाराज

सुल्तानपुर21 दिन पहले
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चुनावी मौसम में हर मुद्दा राजनीतिक गलियारे के मौसम को गर्म करता है। वो भी मतदान बहिष्कार से जुड़े मुद्दे सामने आ जाएं तो नेता का क्या अधिकारियों की नींद गायब हो जाती है। मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र सुल्तानपुर में भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। यहां 32 हजार की आबादी वाले 12 गांव के किसानों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान किया है। वो भी तब जब चुनाव आयोग वोटिंग के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है।

बल्दीराय तहसील की दूरी ज्यादा

दरअसल, 7 साल पूर्व सदर तहसील में आने वाले न्याय पंचायत धर्मदासपुर के 12 गांवों को बल्दीराय तहसील से जोड़ने का प्रस्ताव पारित हुआ। बाद में उसे बल्दीराय तहसील से जोड़ भी दिया गया। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष रामप्यारे वर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। यहां मंडल अध्यक्ष राम प्रकाश सिंह गुड्डू ने बताया कि सदर तहसील की दूरी कम और बल्दीराय तहसील की दूरी ज्यादा होने की वजह से राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन द्वारा इसे मुद्दा बनाया गया।

समस्याओं को नजर अंदाज किया गया

शासन-प्रशासन समेत जनप्रतिनिधियों को अवगत कराते हुए मांग की गई कि धर्मदासपुर न्याय पंचायत के 12 गांवों को वापस सदर तहसील में जोड़ा जाए, लेकिन आश्वासन मिलता रहा और कार्यवाही के नाम पर सब कुछ ठंडे बस्ते में रहा। अब 12 गांवों के वोटर आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में मतदान का बहिष्कार करेंगे। यह भी आरोप है कि बीते 5 साल के कार्यकाल में जनप्रतिनिधियों ने 12 गांव के लोगों की समस्याओं को नजर अंदाज किया। जिसका खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ेगा।

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