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सुल्तानपुर में राज्यमंत्री के निर्देश के बाद FIR दर्ज:10 दिन तक केस दर्ज कराने के लिए भटकता रहा मृतका का पति, बोला- जेवर के लालच ने भतीजे ने बुआ को मार डाला

सुल्तानपुर5 महीने पहले
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मृतका का फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
मृतका का फाइल फोटो।

यूपी के सुल्तानपुर में पुलिस अफसर मुठभेड़ और अपराधी पकड़कर भले ही वाहवाही लूटे। लेकिन पुलिसिंग में सब कुछ ठीक नहीं है। जिले के हलियापुर में कस्बा निवासी संतोष सिंह की पत्नी की मौत के मामले से तो यही साबित होता है। यहां उनकी पत्नी के मौत के मामले में पुलिस ने पूरे 10 दिन बाद केस दर्ज किया। वो भी तब जब राज्यमंत्री ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।

हलियापुर थाना क्षेत्र के कस्बे का मामला

जानकारी के मुताबिक हलियापुर थाना क्षेत्र के कस्बे निवासी संतोष कुमार सिंह की पत्नी विजय लक्ष्मी (45) का स्वास्थ्य गड़बड़ चल रहा था। बीती 2 अप्रैल को हालत अधिक खराब हुई तो इलाज के लिए वो डॉक्टर को बुलाने जा रहे थे। आरोप है कि संतोष ने अपने साले ध्रुव कुमार सिंह के पुत्र अंकुर सिंह निवासी ग्राम अंजरौली थाना खंडासा जनपद अयोध्या को देख-रेख के लिए घर पर छोड़ दिया था। तहरीर के अनुसार दर्ज एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि अंकुर ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी बुआ विजय लक्ष्मी पर किसी गंभीर वस्तु से प्रहार कर दिया था।

10 अप्रैल की रात में हुई थी मौत

संतोष जब वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि पत्नी जमीन पर घायल अवस्था में गिरी पड़ी है। उसके गले में सोने की चेन, कान का कुंडल गायब था। आनन-फानन में वो पत्नी को लेकर लखनऊ के प्राइवेट हॉस्पिटल गए। जहां जिंदगी और मौत से जूझने के बाद इलाज के दौरान 10 अप्रैल को विजय लक्ष्मी की मृत्यु हो गई। 11 अप्रैल को उसका पोस्टमार्टम हुआ और मृतका के पति संतोष कुमार सिंह ने 14 अप्रैल को लिखित सूचना हलियापुर पुलिस को दिया था।

राज्यमंत्री ने अधिकारियों से की थी बात

इसके बाद से थानाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी को मुकदमा दर्ज करने में दस दिन बीत गए। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही थी जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं सूत्रों के अनुसार राज्यमंत्री ने पूरे मामले में 23 अप्रैल को जब शासन स्तर के अधिकारियों से बात की तब पुलिस ने केस दर्ज किया।