सुल्तानपुर में सरकारी गौशाला में गौवंशों की मौत:कई गोवंश हैं बीमार, पशु चिकित्साधिकारी बोले- बाहरी व्यक्ति गंभीर हालत में छोड़ गया था गौवंश

सुल्तानपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

यूपी चुनाव में गौवंश चुनावी मुद्दा बना है। इसके बाद भी सरकारी गौशालाओं में इनका ध्यान नहीं रखा जा रहा। यहां सुल्तानपुर में लंभुआ के बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी की विधानसभा क्षेत्र में सरकारी गौवंश आश्रय स्थल में दो गौवंशों की मौत का वीडियो सामने आया है। जिसको लेकर सपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि 3 दिन पूर्व धनपतगंज के केवटली गौशाला में मरे हुए गौवंश को कुत्ते नोच रहे थे। इसका वीडियो प्रकाश में आया था।

समय-समय पर डॉक्टर करते हैं जांच

जानकारी के अनुसार, पूरा मामला जिले के लंभुआ तहसील क्षेत्र परसीपुर गांव का है। यहां प्रशासन द्वारा संचालित गौवंश आश्रय है, जो कागजों में बिल्कुल ठीक-ठाक है। चारे-पानी से लेकर चिकित्सा और समय-समय पर इनके लिए डॉक्टर आते रहते हैं, लेकिन अब इन तस्वीरों को देखकर प्रशासनिक दावों की हवा निकलती दिख रही है। दर्जनों गौवंशों के बीच कुछ ऐसे वो भी गोवंश पड़े हैं, जिनकी काफी पहले ही मौत हो चुकी है। इधर हुई बारिश ने गौवंश आश्रय स्थल की हालत भी बदतर कर दी है।

गौवंशों के बीमार होने की सूचना बार-बार देने के बावजूद यहां डॉक्टर गौवंशों का इलाज करने नहीं पहुंचे। हैरत की बात यह है कि मृत गौवंशों के पड़े शव के बीच जिंदा जानवर अपना जीवन-यापन कर रहे। गोपालक ने बताया कि हफ्ते भर में दो गौवंशों की मौत हुई है और कई जानवरों की तबीयत खराब है।

मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी

इस मामले में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी भूदेव सिंह ने बताया कि मीडिया के माध्यम से गौवंशों की मौत की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि गौवंश आश्रय स्थल पर नियमित डॉक्टर जाकर गौवंशों की देख-रेख करते हैं। बीमार पशुओं के इलाज के साथ-साथ टीकाकरण इत्यादि किया जाता है। बीते 9 जनवरी को कोई बाहरी व्यक्ति गंभीर हालत में एक गौवंश छोड़ गया था, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। जिसे सम्मानपूर्वक दफन करवा दिया गया और जो गौवंश बीमार हैं, उनका इलाज किया जा रहा है।

वहीं इस मामले पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल यादव ने कहा कि परसीपुर सहित तमाम गौवंश आश्रय स्थलों की हालत दयनीय है। पशुओं को पर्याप्त चारे-पानी की व्यवस्था नहीं है। प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पृथ्वीपाल ने कहा कि केवल बंदर-बांट की जा रही है।

खबरें और भी हैं...