अंधकार मय सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन:मोबाइल की रोशनी में इंक्वायरी बोर्ड पर जानकारी कर रहे पैसेंजर, कोरोना जांच टीम अंधेरे में पूरा कर रही कोरम

सुल्तानपुर8 महीने पहले
अंधकार मय सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन।

गृहमंत्री अमित शाह ने 29 दिसंबर 2021 को सुल्तानपुर के आवास-विकास मैदान में रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि पिछली सरकार में बिजली मिलती नहीं थी और अब 24 घंटे शहरी क्षेत्र में बिजली मिल रही है। इसके विपरीत 1 जनवरी 2022 को रात 11 बजे सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर अंधेरा पसरा था। लाइट थी और जनरेटर बंद था। ऐसे में अंधेरा में सभी सिस्टम चल रहा, जिसे दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने अपने कैमरे में कैद किया।

इंक्वायरी ऑफिस में नहीं जल रही थी लाइट

मुख्य द्वार से प्रवेश के बाद प्लेटफॉर्म गेट से पहले इंक्वायरी ऑफिस में अंधेरा कायम था। इंक्वायरी बोर्ड पर ट्रेन की टाइमिंग क्या लिखी है, वो दूर से दिखाई नहीं दे रहा था। एक यात्री मोबाइल की लाइट जलाकर ट्रेन की टाइमिंग और प्लेटफार्म की डिटेल पढ़ रहा था। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर गेट से इंट्री करने पर बाएं हाथ के पास कोरोना जांच की टीम बैठी थी, जो अंधेरे में ही रजिस्टर पर जांच का कोरम पूरा कर रही थी।

आधे प्लेटफॉर्म पर नहीं जल रही थी लाइट

प्लेटफॉर्म पर कुछेक राड जल रहे थे, बाकी आधे से अधिक प्लेटफॉर्म अंधकार मय था। टिकट काउंटर पर अंधेरे के साथ-साथ यहां वेटिंग रूम में कड़ाके की ठंड में जब कोहरा गिर रहा था, उस समय यात्री फर्श पर बिस्तर बिछाकर आराम कर रहे थे। उन्हीं यात्रियों के बीच में एक यात्री के बिस्तर पर एक कुत्ता ठंड से बचने के लिए आकर बैठ गया था। हालांकि यहां लगा बंद जनरेटर आधे घंटे बाद चालू हुआ। 10 मिनट चला और फिर इसकी सप्लाई भी ट्रिप कर गई।

रैन बसेरे का नहीं है इंतजाम

वहीं प्लेटफॉर्म परिसर से बाहर इस कड़ाके की ठंड में जिला प्रशासन की ओर से अलाव का न प्रबंध है और न ही यहां रैन बसेरे का। आने वाले यात्री ठंड से कराह रहे हैं। गरीब की बात करने वाले लोगों की संवेदनाएं इस कद्र खत्म हो चुकी हैं कि पेट की आग को बुझाने के लिए एक रिक्शे वाला थकहार कर इस ठंड में रिक्शे की गद्दी पर सो गया है। अगर रैन बसेरा यहां होता तो वह यहां आराम कर सकता था।

यात्री बोले- नहीं है कोई व्यवस्था

वेटिंग रूम में मौजूद श्यामलाल नाम के पैसेंजर ने बताया कि वह सुल्तानपुर से मुगलसराय की यात्रा करने के लिए आया है। यहां करीब ढ़ाई घंटे से बैठा है, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं है। आखिर सो रही सरकार कब जागेगी। आज बच्चे बेरोजगार टहल रहे हैं। इलेक्शन आ जाता है तो तमाम मंत्री, विधायक वोट मांगने चले आते हैं। रिश्ते जोड़कर वोट ले लेते हैं, उसके बाद चले जाते हैं। फिर 5 साल आप उनके पीछे दौड़िये।

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