सुल्तानपुर में RSS कार्यालय का हुआ लोकार्पण:भैय्याजी जोशी बोले- मुस्लिम और ईसाई विरोधी नहीं संघ, हिंदुओं में फैली कुरीतियों को दूर कर रहा

सुल्तानपुर7 महीने पहले
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संघ के आधुनिक भवन में लिफ्ट की व्यवस्था के साथ लगभग दो दर्जन कमरे, चार सौ लोगों का मीटिंग हाल, कॉन्फ्रेंस रूम व 50 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था बनाई गई है।  - Dainik Bhaskar
संघ के आधुनिक भवन में लिफ्ट की व्यवस्था के साथ लगभग दो दर्जन कमरे, चार सौ लोगों का मीटिंग हाल, कॉन्फ्रेंस रूम व 50 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था बनाई गई है। 

सुल्तानपुर में आज शहर के कस्बा स्थित संघ कार्यालय का लोकार्पण हुए। कार्यालय का नाम प्रोफेसर 'राजेन्द्र सिंह रज्जु भैय्या सदन' रखा गया है़। लोकार्पण करने पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निवर्तमान सहकार्यवाह सुरेश जोशी (भैय्याजी जोशी) ने कहा कि संघ मुस्लिम व ईसाई का विरोध नहीं करता है। संघ हिंदुओं के बीच फैली कुरीतियों, बुराइयों को दूर करने के लिए कार्य कर रहा है।

भैय्याजी जोशी ने कहा कि गलत धारणाओं को हमे समाप्त करना होगा। हम भारत के लोग हैं। सभी हिंदू एक हैं, वो चाहे किसी जाति के हों। संघ हिंदुओं के बीच भेदभाव व छुआ-छूत को मिटाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मकांड से ज्यादा आचरण पर ध्यान देना होगा। सामाजिक जागरण आवश्यक है।

अंग्रेजों के हम गुलाम रहे

भैय्याजी जोशी ने कहा कि विभाजन के बाद पाकिस्तान के 25 वर्ष के भीतर दो टुकड़े हो गए। अभी कितने होंगे पता नहीं। एक समय दो तिहाई हिस्से पर मुगलों का राज रहा। अंग्रेजों के हम गुलाम रहे। हिंदू साक्षी रहा, हिंदू हारे हिंदुओं के ही कारण। हिंदुओं में ही जयचंद भी रहे। जय-पराजय का साक्षी भी हिंदू कारण भी हिंदू।

भैय्याजी जोशी ने कहा कि हिंदू भ्रांतियों में जीता है। हमें उसे जागृत करना है। इतना बड़ा समाज टुकड़ों में बंट गया। जातियों में विभक्त हो गया। किसी धर्मग्रन्थ में नहीं लिखा कि फलां जाति के लोग श्रेष्ठ हैं। हमने स्वयं अपने से तय कर डाला। ऐसे संकीर्ण भाव को त्यागने से ही हिंदू बचेगा।

दुर्जनों को सज्जन बनाना हमारा कर्तव्य

भैय्याजी जोशी ने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकना होगा। हमें महिलाओं के प्रति अच्छी सोच लानी होगी। भैय्याजी जोशी ने कहा कि पाकिस्तान नकारात्मक सोच के साथ पैदा हुआ मुल्क है। आज अपने को बुद्धिमान बताने वाले गलत कार्य कर रहे हैं। भैय्याजी जोशी ने अपने उद्बोधन के अंत में समर्थ गुरु रामदास के विचार को बताया और कहा कि सज्जन लोग सशक्त हों। दुर्जनों को सज्जन बनाना हमारा कर्तव्य है। देश का इसी में कल्याण है। इस मौके पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय भी मौजूद थे।

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