पूर्व सांसद मो. ताहिर खान का ओवैसी पर तंज:सुल्तानपुर में बोले- वो बड़ी हस्ती हैं, लेकिन यूपी का मुसलमान और बैकवर्ड अखिलेश के साथ

सुल्तानपुर3 दिन पहले

सुल्तानपुर में इसौली सीट काफी अहम है। मोदी लहर में भी यहां से भाजपा जीत दर्ज नहीं करा सकी। सपा के अबरार अहमद दुबारा विजयी हुए थे। इस बार उनकी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए सपा यहां बदलाव के मूड में है। मुस्लिम बाहुल्य सीट होने के नाते सपा यहां से पूर्व सांसद मोहम्मद ताहिर खां पर दांव खेलने के मूड में है। वहीं बसपा से बाहुबली ब्लॉक प्रमुख यश भद्र सिंह मोनू मैदान में आ चुके हैं।

1999 में लड़ा था पहला चुनाव

बता दें कि ताहिर खान शहर के कस्बा स्थित पांचोंपीरन के मूल निवासी हैं। अपने राजनीतिक कैरियर का पहला चुनाव वर्ष 1999 में उन्होंने अमेठी में सोनिया गांधी के विरुद्ध लड़ा और पराजित हुए। साल 2002 में उन्होंने सुल्तानपुर की जयसिंहपुर विधानसभा सीट पर अपना दल के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन करीबी मुकाबले में उन्हें हार मिली। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इसके बाद उन्होंने बसपा का दामन थामा और वर्ष 2004 में बसपा के सिंबल पर सुल्तानपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा।

ताहिर ने कांग्रेस के कैप्टन शर्मा को हार का मजा चखाया। इसके बाद 2012 में सुल्तानपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर वो चुनाव लड़े और हार गए। अब एकबार वो इसौली से सपा के सबसे प्रबल दावेदार हैं। पेश है उनकी दैनिक भास्कर से खास बातचीत के प्रमुख अंश...

सवाल- सीएम योगी 80-20 के फैक्टर की बात कर रहे क्या कहना है आपका?

जवाब- जनता फैसला करेगी कि समाजवादी पार्टी फुल मेजॉरिटी में आएगी, कि बसपा-कांग्रेस और भाजपा आएगी। आने वाले 10 मार्च को उत्तर प्रदेश के मुस्तकबिल (भविष्य) का फैसला हो जाएगा।

सवाल- स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा छोड़ सपा का दामन थामा है कितना लाभ सपा को होने जा रहा है?

जवाब- स्वामी प्रसाद बहुत सीनियर और बहुत बड़े लीडर हैं अगर वो समाजवादी पार्टी में आते हैं तो अखिलेश यादव उनका स्वागत दिल से करेंगे। और जो भी आएगा हमारी पार्टी में जिस दल से आएगा सभी का यहां सम्मान रहेगा।

सवाल- ओवैसी यूपी की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे सपा को कितना नुकसान होगा?

जवाब- वो बड़े लीडर हैं हमारे साथ एमपी भी रहे हैं लेकिन उत्तर प्रदेश का मुस्तकबिल समाजवादी पार्टी के हाथों में बेहतर होगा। मुसलमान और बैकवर्ड बड़ी मजबूती के साथ अखिलेश यादव के साथ है।

सवाल- मुख्यमंत्री अयोध्या से चुनाव लड़ने जा रहे हैं क्या उसका असर सुल्तानपुर की सीटों पर भी पड़ेगा?

जवाब- वो सीएम हैं प्रदेश के वो जहां से भी लड़ेंगे, वहां की जनता उनका स्वागत करती है नहीं करती है वो वहां की आवाम पर डिपेंड करता है।

सवाल- 2022 में सुल्तानपुर की कितनी सीट सपा को मिल रही?

जवाब- अखिलेश यादव बहुत बड़े विचार के मालिक हैं, उन्होंने उत्तर प्रदेश की तकदीर और तस्वीर बदलने का काम किया है, रिवर फ्रंट, मैट्रो से लेकर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया उसका रिजल्ट इसी 2022 के चुनाव में मिलने जा रहा है।

सवाल- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अक्सर हादसे हो रहे क्या रीजन हो सकता है?

जवाब- मौत-जिंदगी अल्लाह के हाथ में है अल्लाह सबको अपनी हिफाजत में रखे, अगर कोई कमी होगी तो 2022 में हमारी सरकार आने जा रही है उसको हम लोग दुरुस्त कराने का काम करेंगे।

सवाल- इसौली सीट पर दावेदारी कर रहे जो पिछला चुनाव हार कर चले गए कोरोना कॉल में दिखे नहीं यह सपा के लिए फायदे मंद होगा या नुकसान देह?

जवाब- समाजवादी पार्टी में जो भी आए उसका खैरमकदम है, मैं इतना जानता हूं अखिलेश यादव जी बहुत समझदार हैं वो ऐसी पर्सनालिटी को टिकट देंगे जिसका पांचों विधानसभा और मंडल में असर होगा।