कर्बला ईराक में हिंदुस्तान जिंदाबाद की गूंजी सदा:सुल्तानपुर के युवाओं ने लगाया लब्बैक या हुसैन के नारे, श्रद्धाभाव से जायरीनों की किया सेवा

सुल्तानपुर3 महीने पहले
हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते अफरोज व हैदर।

अरबाईन के मौके पर दो वर्ष के बाद कर्बला (ईराक) में हजरत इमाम हुसैन के रौजे पर करोड़ों की संख्या में जायरीन जमा हुआ हैं। सुल्तानपुर से भी बड़ी संख्या में जायरीन वहां पहुंचे हैं। इसी क्रम में ग्लोबल हुसैनी मिशन की जिला इकाई के सदस्य भी वहां पहुंचे हैं। जो लब्बैक या हुसैन के नारों के साथ हिंदुस्तान जिंदाबाद के भी नारे लगा रहे हैं।

80 KM पैदल मार्च में हुए शामिल

बता दें कि अरबाईन के मौके पर पिछले कई सालों से कर्बला पहुंचने वाले जायरीनों ने रिकॉर्ड तोड़ डाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बार भी आंकड़ा 10 करोड़ के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। सुल्तानपुर से ग्लोबल हुसैनी मिशन के सदस्य हैदर सुरौली और अफरोज हैदर वहां पहुंचे हैं। दो ही ने नजफ से कर्बला 80 KM के पैदल मार्च में शामिल होकर लब्बैक या हुसैन व हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये। जगह-जगह जायरीनों के शरीर की मालिश की। पानी आदि पिलाकर इमामे हुसैन की प्यास को याद किया।

इमाम हुसैन के नाम पर पानी पिलाते हैदर सुरौलवी।
इमाम हुसैन के नाम पर पानी पिलाते हैदर सुरौलवी।

कर्बला जाना किस्मत की बात

जिलाध्यक्ष अमन सुल्तानपुरी ने बताया कि अरबाईन में कर्बला जाने वाले दुनिया भर से 20 सफर को कर्बला ईराक में इमाम हुसैन का चेह्ल्लुम मनाने के लिए करोड़ों लोग ईराक के शहर कर्बला पहुंचे हैं। गांव, कस्बा, बस्ती व मोहल्लों से अरबाईन मे कर्बला इमाम हुसैन अ.स. के चालिसवां करने व जियारत के लिए कर्बला जाते हैं और इमाम हुसैन को खिराजे अकीदत पेश करते हैं।

जायर के शरीर की मालिश करते हुए।
जायर के शरीर की मालिश करते हुए।

इमाम हुसैन के रौजे की जियारत करने के लिए पैसा होना जरूरी नहीं है। बस दिल में ख्वाहिश होनी चाहिए और कर्बला जाना किस्मत की बात है। जियारत के लिए जाने वाले जाएरीनो का मोमनीन का और नौहाख्वानों का नौहा पढ़ना और मोमनीन का इमाम के जियारत के लिए जुलुस की शक्ल में इमाम के जायर को एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने का मंजर बहुत ही खूबसुरत होता है।

सिर की मालिश करते अफरोज हैदर।
सिर की मालिश करते अफरोज हैदर।

सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रही वीडियो-फोटो

उन्होंने ये भी बताया कि जायरीनों के शरीर की मालिश से लेकर उन्हें खिलाना-पिलाना ये सब पुण्य का काम है। जहां-जहां से भी मोमनीन कर्बला जियारत के लिए गए हैं रहे हैं वो वीडीयो और फोटो डालते हैं इससे इमाम के रौजे की जियारत की ख्वाहिश मोमनीन के दिलों में बढ़ रही है। कुछ सालों से सोशल मीडिया पर तेजी से वीडियो और फोटो देखने को मिल रही है।

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