सुल्तानपुर में AIMIM चीफ का सियासी कार्यक्रम:तालिबान पर औवैसी बोले- अफगानी महिलाओं को नहीं कानपुर में बेटियों के साथ बदसलूकी देखिए, शाइस्ता ने पढ़ा पति अतीक का 'जेल वाला' खत

सुल्तानपुर4 महीने पहले
तीन दिवसीय दौरे पर आए ओवैसी अयोध्या के बाद आज सुल्तानपुर जायेंगे।

एएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को सुल्तानपुर में प्रधानमंत्री मोदी से लेकर योगी तक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, मोदी के दो बार प्रधानमंत्री बनने का कारण अखिलेश यादव और मायावती हैं।आरएसएस के मोहन भागवत व पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म बादशाहों से नहीं आया। दौरे में ओवैसी तालिबान के प्रति नरम दिल दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में महिला उत्पीड़न नहीं बल्कि कानपुर में बेटियों के साथ हो रही बदसलूकी को देखिए।

अतीक की पत्नी ने पढ़ा खत

सभा में बाहुबली अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने एक खत पढ़ा। वह खत अतीक अहमद का अहमदाबाद जेल से लिखा गया था। शाइस्ता ने पढ़ा, ये लड़ाई सांसद, विधायक बनने की नही है। बल्कि ये लड़ाई पूरे मुल्क में हिस्सेदारी की है। अब हम दूसरे का झंडा नही उठाएंगे। जो 100 में 7% हैं वो मुखिया बने हैं जो 100 में 22% हैं वो टायर जोड़ रहे और रिक्शा चला रहे। हमें आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनना होगा। मुसलमान ने किसी को अपना नेता नही माना ये बड़ी गलती की। ओवैसी साहब साहिबे इल्म हैं, हमें ये रहनुमा के रुप में मिले हैं। हिंदुस्तान में इसका सानी नही है। AIMIM हमारा घर है अब दूसरों के घर में नहीं रहेंगे न दूसरों का झंडा उठाएंगे। आपका अपना अतीक अहमद...

अल्फाज सुनकर अतीक के बेटे के छलक आए आंसू

अतीक के बेटे मोहम्मद अली की आंखे छलक उठीं।
अतीक के बेटे मोहम्मद अली की आंखे छलक उठीं।

राहुल गांधी पर साधा था निशाना

2019 लोकसभा चुनाव के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वायनाड से जीते राहुल गांधी पर निशाना साधा था कि 'कांग्रेस नेता खुद अमेठी में हार गए लेकिन वायनाड में जीत हासिल की। क्या ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि वायनाड में 40 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है?' इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस उनके निशाने पर किस हद तक रहती है। 2022 विधानसभा चुनाव से पहले सुल्तानपुर में उनका यह पहला दौरा है।

सियासत के जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर के साथ-साथ उनकी नजर अमेठी और रायबरेली पर भी रहेगी। यह बताने की जरूरत नहीं है कि इन तीनों जिलों में भले ही 2017 में भाजपा ने अपना वर्चस्व बनाया हो, लेकिन इसे आज भी कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है। इन तीनों जिलों में लगभग 43% मुस्लिम आबादी है।

2017 विधानसभा चुनाव में AIMIM ने सुल्तानपुर की इसौली सीट से हाजी दाऊद को टिकट दिया था।
2017 विधानसभा चुनाव में AIMIM ने सुल्तानपुर की इसौली सीट से हाजी दाऊद को टिकट दिया था।

मैं जहां से लड़ता हूं भाजपा वहां से नहीं जीतती है...

ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री के चुनाव में मजलिस तीन सीटों पर चुनाव लड़ी थी। हैदराबाद, औरंगाबाद और किशनगंज। हमने हैदराबाद में बीजेपी को हराया। जबकि मोदी और अमित शाह आए थे हमें हराने, लेकिन उनकी दाल नहीं गली। औरंगाबाद में 21 साल से शिव सेना सांसद को मजलिस ने हराया। किशनगंज में हम हार जरूर गए, लेकिन लाखों वोट मिले। ओवैसी ने कहा कि जहां मैं लड़ता हूं वहां बीजेपी नहीं जीतती है। उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि मैं उन्हें बाबा कहता हूं। केंद्र सरकार ने इन्हें 116 करोड़ रुपए अल्पसंख्यकों के लिए दिए, लेकिन उन्होंने केवल 10 करोड़ रुपए खर्च किए।

तीन पॉइंट्स में समझे ओवैसी की प्लानिंग

कांग्रेस को देंगे चुनौती

सुल्तानपुर से ओवैसी अमेठी और रायबरेली को भी संदेश देंगे। दरअसल, यह इलाके अभी भी कांग्रेस का गढ़ कहलाते हैं। सालों साल यहां से कांग्रेस परिवार का दबदबा रहा है। ऐसे में सुल्तानपुर से हुंकार भर कर ओवैसी कांग्रेस को चुनौती देंगे। ऐसे कई मौके आये जब उन्होंने सार्वजानिक मंच से एलान किया है कि मुस्लिमों के वोट की बदौलत यह पार्टियां जीतती तो रही है लेकिन इन्होंने कुछ किया नहीं।

सपा के लिए पैदा करेंगे मुश्किल

2017 विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा ने तीनों जिलों में अपना परचम फहराया था। लेकिन अमेठी, रायबरेली में कांग्रेस के बाद सपा वहां के वोटरों की पहली पसंद है। राजनीति के जानकार भी मानते हैं कि ओवैसी यूपी में सबसे ज्यादा नुकसान सपा का ही करेंगे। 2017 में भाजपा की आंधी में भी सुल्तानपुर, अमेठी और रायबरेली में सपा के कैंडिडेट्स ने जीत हासिल की थी।

मुस्लिम वोटर हैं निशाने पर

ओवैसी उन सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं जहां मुस्लिम आबादी उन्हें जीत का झंडा पकड़ा सकती है। मंगलवार को ही उन्होंने अयोध्या से इसका एलान भी कर दिया है। इसी क्रम में वह संभल, बहराइच, मुरादाबाद और अन्य मुस्लिम बाहुल्य जिलों का दौरा कर चुके हैं। मंगलवार को वह अयोध्या में थे।

सुल्तानपुर, अमेठी और रायबरेली में क्या रही है पार्टी की स्थिति

2017 विधानसभा चुनाव में AIMIM ने सुल्तानपुर की इसौली सीट से हाजी दाऊद को टिकट दिया था। उन्हें केवल 3,865 वोटों से संतोष करना पड़ा था। हाजी दाऊद को सिर्फ 2% वोट मिले थे। जबकि यहां से सपा कैंडिडेट विजेता रहे थे। जबकि सुल्तानपुर की अन्य सीटों के साथ अमेठी और रायबरेली से कोई कैंडिडेट नहीं उतारा था। हालांकि, पार्टी जिलाध्यक्ष सरफराज खान का कहना है़ कि कल होने वाली जनसभा के बाद जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों में माहौल बदलेगा। उन्होंने दावा किया है़ कि अमेठी जिले की जगदीशपुर और तिलोई सीट पर भी हम मजबूत होंगे।

किस जिले में कितनी मुस्लिम आबादी

ओवैसी जितना भाजपा पर हमलावर रहते हैं उससे ज्यादा कांग्रेस का नुकसान करते हैं। बिहार चुनाव से यह तस्वीर भी साफ हो गयी है। चूंकि यूपी में कांग्रेस का जनाधार काफी कम है लेकिन सुल्तानपुर, अमेठी और रायबरेली से पार्टी हाईकमान को कुछ उम्मीद है। ऐसे में ओवैसी अब इन तीन जिलों में भी अपनी पार्टी की सक्रियता को बढ़ा रहे हैं। आंकड़ों को देखे तो तीनों जिलों में मुस्लिम आबादी लगभग 43% के आसपास है। सुल्तानपुर में जहां लगभग 17%, अमेठी में 20% और रायबरेली में यह संख्या घटकर 6% हो जाती है। बहरहाल, अब ओवैसी कांग्रेस के गढ़ में उसे कितना नुकसान पहुंचाते हैं यह भविष्य में पता चलेगा।

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