कब्र से तीन माह बाद निकाला गया चौकीदार का शव:परिजनों ने जहर देकर मारने का लगाया था आरोप, पीएम रिपोर्ट से नहीं थे संतुष्ट

हसनगंज, उन्नाव5 महीने पहले
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हसनगंज की अजगैन कोतवाली क्षेत्र के शीतल खेड़ा गांव में 27 अप्रैल की रात चौकीदार की सदिंग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। जिसमें परिजनों द्वारा पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते संतुष्ट नहीं हुए थे। परिजनों ने डीएम से दोबारा पीएम कराने की मांग की थी। डीएम के आदेश पर तीन माह बाद शव को एसडीएम और पुलिस की देखरेख में दोबारा खोदवाकर पीएम के लिए भेजा गया।

अजगैन कोतवाली क्षेत्र के सीतल खेड़ा के रहने वाले पुलिस चौकीदार प्यारे पुत्र रघुनाथ की 27 अप्रैल को सदिंग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। मृतक के लड़के राहुल ने आरोप लगाया था कि गाँव की एक जमीन पर उसका तीस सालों से कब्जा था। जिसको लेकर ग्राम प्रधान और उनके परिजन रंजिश मानते थे।

जहर देकर मारने का था आरोप

जमीन छुड़वाने को लेकर कई बार प्रधान से कहासुनी भी हुई थी। मृतक के लड़के राहुल ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी।जिसपर अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसके पिता को प्रधान सूरज व उसका चाचा गोकरन ने पेयजल में कुछ जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था। जिसके चलते पिता की मौत हो गयी थी। मृतक चौकीदार की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिजन संतुष्ट नहीं थे।

डीएम के आदेश पर शव निकाला गया

गुरुवार सुबह डीएम के आदेश पर हसनगंज एसडीएम अंकित शुक्ला सहित अजगैन पुलिस और थाना दही इंस्पेक्टर की मौजूदगी में तीन महीने बाद दफन शव को दोबारा से मजदूरों की मदद से खोदवाकर बाहर निकाला गया। जिसके बाद दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

चौकीदार के शव को दोबारा खोदकर निकाला गया।
चौकीदार के शव को दोबारा खोदकर निकाला गया।

प्रधान ने लगाया जमीन कब्जे का आरोप

ग्राम प्रधान सूरज का कहना है कि मृतक के परिजन ग्राम पंचायत की जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा था। जिसे कब्जा मुक्त करने के लिए कई बार कहा गया था। उसी विरोध के चलते मृतक के पुत्र ने फर्जी आरोप लगाया है। पुलिस ने इससे पहले भी कई बार जांच की थी। लेकिन सब में बेगुनाह साबित हुए। राजनीति के चलते मृतक का पुत्र आरोप लगा रहा है।

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