भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित पांच पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज:17 लाख में छह बीघे जमीन का कराया था एग्रीमेंट, तथ्य छिपाकर दोबारा दूसरे को बेचा; मंडल अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार

हसनगंज, उन्नाव5 महीने पहले
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हसनगंज में जमीन का एग्रीमेंट कर भाई के हाथों जमीन की बिक्री को लेकर धोखाधड़ी के मामले में भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित साक्ष्य छिपाने और गाली गलौज सहित मारपीट की धाराओं में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

जनपद लखनऊ के राजाजीपुरम थाना तालकटोरा निवासी राजेश कुमार गुप्ता पुत्र भगवान सहाय गुप्ता ने कोर्ट में वकील के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 31 जनवरी 2019 को हसनगंज गांव के शेखपुर बुजुर्ग निवासी नृपेंद्र सिंह पुत्र समसेर सिंह की 6 बीघा जमीन का 14 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 3 लाख रुपये नकद देकर हसनगंज रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन का एग्रीमेंट कराया था। बाद में उसी जमीन के तथ्य छुपा कर नृपेंद्र सिंह ने अपने सगे भाई कीर्ति सिंह के हांथों बेच दी।

न्यायालय के आदेश पर मुकदमा

जमीन में गवाही के रूप में काकोरी थाना क्षेत्र के डंबर खेड़ा बड़ागांव निवासी नन्हकी पत्नी गोविंद प्रसाद, मालती पत्नी राजेश थे। पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। जिस पर न्यायालय के आदेश पर 2 जुलाई को पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी साक्षय छिपाने सहित गाली गलौज और मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसमे नृपेंद्र सिंह, जमीन खरीदार छोटे भाई कीर्ति सिंह पुत्र शमशेर बहादुर, गवाह शिव कुमार सिंह पुत्र सूर्य बली निवासी रानीखेड़ा खालसा सहित काकोरी थाना के ननकी पत्नी गोविंद प्रसाद,मालती पत्नी राजेश के ऊपर रिपोर्ट दर्ज हुई।

सांसद साक्षी महाराज का रह चुका है प्रतिनिधि

इस सम्बंध में इंस्पेक्टर अखिलेश चंद्र पांडे ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साक्ष्य छिपाने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसकी जांच की जा रही है। आरोपी नृपेंद्र सिंह सांसद साक्षी महाराज का पूर्व प्रतिनिधि सहित वर्तमान में भाजपा पार्टी से मंडल अध्यक्ष है।

मण्डल अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार

आरोपों से घिरे नृपेंद्र सिंह ने बताया कि राजेश ने उसे ब्याज पर रुपये दिये थे। जिसके बदले जमीन का एग्रीमेंट करा दिया था। जिस कार्य के लिये राजेश से रुपये लिए थे उस कार्य मे घाटा लग गया और रुपये डूब गए। रुपये के बदले जमीन नाम कराने को कहा, लेकिन राजेश ने रुपये के बदले रुपये की मांग रखी। रुपए लौटाने के लिए भाई कीर्ति सिंह को जमीन बेच दी। अब राजेश चक्रवर्ती ब्याज लगाकर कई गुना रुपए मांग रहे हैं।

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