मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने एसटीपी प्लांट का किया निरीक्षण:कार्य पूरा ना होने पर जताई नाराजगी, बोले- एक माह में काम नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई

उन्नाव5 महीने पहले
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उन्नाव में गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के डकारी गांव में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बुधवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह निरीक्षण करने पहुंचे थे। जहां तय समय पर कार्य पूरा ना होने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही कार्यदाई संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि आगामी एक माह में कार्य पूरा ना हुआ तो संबंधित विभाग पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

नमामि गंगे परियोजना के तहत डकारी गांव में 38 करोड़ की लागत से पंद्रह एमएलडी का कानपुर रीवर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड संस्था की ओर से दो साल पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य शुरू कराया गया था। उन्नाव मगरवारा, अकरमपुर व आस पास की टेनरियों से निकला गंदा पानी अभी तक सीधे गंगा में गिराया जा रहा है। कार्य को दो वर्ष जनवरी माह में पूरा होना था। लेकिन कार्यदायी संस्था सुस्त गति से कार्य करा रही है।

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह निरीक्षण करने पहुंचे।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह निरीक्षण करने पहुंचे।

समय निकल जाने के बाद भी नहीं पूरा हुआ काम
समय सीमा निकल जाने के बावजूद कार्य अधूरा है। जिस पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने निरीक्षण के दौरान जल निगम के अधीक्षण अभियंता मोहित चक को फटकार लगाई। तय समय पर कार्य न पूरा होने का कारण पूछा। जिस पर उन्होंने बताया कि कोरोना काल के समय मजदूर अपने-अपने घर चल गये थे। जिस कारण अभी 75 फीसदी ही कार्य हो सका है। जल्द कार्य पूरा करा लिया जायेगा। जिस पर उन्होंने 15 जुलाई तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

एसटीपी के कार्य के बारे में ली जानकारी। कार्य को जल्द पूरा करने के दिए निर्देश।
एसटीपी के कार्य के बारे में ली जानकारी। कार्य को जल्द पूरा करने के दिए निर्देश।

एसटीपी के कार्य पर बराबर बनाए रखें नजर
इस दौरान उन्होंने डीएम रवीन्द्र कुमार से कहा कि एसटीपी के कार्य पर बराबर नजर रखे। जिससे बचा हुआ कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। जिससे गंगा को स्वच्छ रखा जा सके और गंगा में एक भी बूंद गंदा पानी न जा सके। वहीं उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर को अकेले किनारे लेकर जाकर सख्त लहजे में कहा कि यदि 15 जुलाई तक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य पूरा ना हुआ तो संबंधित विभाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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