ग्राउंड रिपोर्टएक बेटी मरी मिली; दूसरी की लाश भी नहीं मिलेगी:परिवार को मिल रही धमकी, पूर्व मंत्री के आश्रम के पीछे दफन मिला था शव

11 दिन पहलेलेखक: राजेश साहू

उन्नाव के मुकेश गौतम रोज सुबह अपनी मर चुकी बेटी पूजा को न्याय दिलाने के लिए घर से निकलते हैं। अधिकारियों, वकील और नेताओं के पास जाते हैं, लेकिन उन्हें न न्याय मिला, न मदद। मिली तो सिर्फ सांत्वना। मुकेश बताते हैं, "4 दिन पहले सांसद साक्षी महाराज से मदद मांगी तो जवाब मिला। हमने कोई वादा नहीं किया था, मरना है तो हमारे यहां नहीं DM के यहां जाकर मरो।"

दैनिक भास्कर की टीम इस हाई-प्रोफाइल केस के सिलसिले में पीड़ित परिवार के घर उन्नाव सदर की कांशीराम कॉलोनी पहुंचीं। उस मां से बात की जिसकी बेटी 63 दिन तक गायब रही और फिर उसकी लाश सपा के पूर्व मंत्री फतेह बहादुर सिंह के आश्रम के पीछे मिली। लाश मिली तो गिरफ्तारियां शुरू हुईं। मदद का आश्वासन मिला। अब धमकियां मिल रहीं।

  • आइए इस केस को सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं। सबसे पहले केस से जुड़ा ये ग्राफिक देखिए।

लड़की गायब हुई तो पुलिस ने बोला- भाग गई है आ जाएगी
लखनऊ में नौकरी कर रही पूजा 7 दिसंबर 2021 को अपने घर आई थी। 8 दिसंबर की सुबह अपनी दोस्त चांदनी के घर उधार लिया पैसा वापस करने के लिए निकली। वहां से किडनैप कर ली गई। 9 दिसंबर को पूजा की मां रीता गौतम सदर कोतवाली पहुंचीं। सपा के पूर्व राज्य मंत्री फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजौल सिंह पर अपनी बेटी की किडनैपिंग का आरोप लगाया। पुलिस ने शिकायत तो सुन ली। लेकिन, मामला दर्ज नहीं किया। रीता बताती हैं, "उस वक्त पुलिस ने कहा कि तुम्हारी बेटी बालिग है किसी के साथ चली गई होगी। आकर बयान दे देगी कि मैं उसी लड़के के साथ रहूंगी।"

पूर्व राज्यमंत्री के बेटे को पुलिस ने बुलाया
रीता ने कहा, “हम बेटी को खोजते हुए परेशान हो गए। फिर से कोतवाली पहुंचे। इंस्पेक्टर अखिलेश चंद्र पांडेय से विनती की तो उन्होंने राजौल सिंह को कोतवाली बुलाया। उससे कहा कि पूजा को परिवार को दे दे। राजौल ने कहा, ‘एक हफ्ते बाद दूंगा।’ ऐसा उसने दो बार किया। इंस्पेक्टर उसे कुछ भी नहीं बोलते। कोतवाली में न्याय की उम्मीद नहीं रही। CO और SSP दफ्तर पहुंचीं। वहां रखे रजिस्टर मेरे नाम से भर गए। लेकिन, हमारी कोई सुनता ही नहीं था।"

पूजा की किडनैपिंग के एक महीने बीत गए। 11 जनवरी 2022 को SP दिनेश त्रिपाठी ने केस दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाली इंस्पेक्टर अखिलेश चंद्र पांडेय को निलंबित कर दिया। हालांकि, राजौल सिंह को तब भी आरोपी नहीं बनाया गया।

राजौल सिंह (बाएं) और इंस्पेक्टर अखिलेश पांडेय (दाएं)।
राजौल सिंह (बाएं) और इंस्पेक्टर अखिलेश पांडेय (दाएं)।

अखिलेश की गाड़ी के आगे कूदी तो मामला हाईलाइट हुआ
केस दर्ज होने के बाद भी राजौल सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई। पीड़ित परिवार कभी किसी नेता से मिलता तो कभी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाता, लेकिन, एक्शन नहीं हुआ। रीता और मुकेश लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद रीता 24 जनवरी को पूर्व CM अखिलेश यादव के आवास पर पहुंचीं और उनकी गाड़ी के आगे कूद गई। यहीं से पूरा मामला सुर्खियों में आ गया।

लखनऊ से आदेश गया और उन्नाव पुलिस ने उसी रात राजौल सिंह का नाम इस केस में पहली बार जोड़ा। उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

नए नंबर से 39 सेकंड की बात ने राजौल को आरोपी बना दिया
राजौल की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच उन्नाव पुलिस की SOG टीम को दे दी गई। 28 जनवरी को SIT गठित की गई। शुरुआत में पुलिस ने जांच नहीं की। इसलिए SIT के पास पहले से कोई सबूत नहीं था। कॉल डिटेल निकली गई, तो पता चला कि 8 दिसंबर को राजौल का फोन पूरा दिन उसके घर पर था। लेकिन SIT को एक नए नंबर से 39 सेकंड की कॉल रिकॉर्डिंग मिली। ये राजौल की थी।

पुलिस जब राजौल से सच उगलवाने में सफल नहीं हुई, तो उसके दोस्त सूरज सिंह पर कड़ाई की। वह टूट गया और राजौल के साथ हत्या की बात स्वीकार कर ली।

दिव्यानंद आश्रम के पीछे मिली पूजा की लाश
सूरज के कबूलनामे के बाद पुलिस कब्बा खेड़ा गांव के दिव्यानंद आश्रम पहुंची। आरोपियों की निशानदेही पर आश्रम के पीछे वाले प्लॉट में खुदाई हुई। 5 फुट की खुदाई के बाद पूजा की लगभग गल चुकी लाश मिली। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इस घटना की वीभत्सता दिखाती है।

ये उस वक्त की फुटेज है जब पूजा की लाश सेप्टिक टैंक के लिए बनाए गए गड्ढे से मिली।
ये उस वक्त की फुटेज है जब पूजा की लाश सेप्टिक टैंक के लिए बनाए गए गड्ढे से मिली।

पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. अजीत सिंह, संजीव कुमार व निधि दुबे ने बताया, "पूजा का गला इतनी जोर से दबाया गया था कि हड्डी ही टूट गई। सिर पर किसी रॉड से तेज वार किया गया था। लाश करीब 45 दिन पुरानी है।" वहीं आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 8 दिसंबर को ही पूजा को मार दिया था। ऐसे में लाश 63 दिन पुरानी हो गई थी।

जिला प्रशासन ने 25 लाख और नौकरी का वादा किया
लाश मिली तो हंगामा हो गया। लोकल नेताओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेताओं ने इसे मुद्दा बनाया। परिवार ने 25 लाख रुपए, मृतका के भाई को सरकारी नौकरी, पक्का मकान और सुरक्षा की मांग की। इसके बाद ही अंतिम संस्कार की बात कही। जिला प्रशासन ने सभी मांगों पर हामी भर दी। तुरंत सुरक्षा मुहैया करवा दी गई लेकिन 1 साल बीत जाने के बाद भी परिवार को न आर्थिक मदद मिली और न ही भाई को नौकरी।

यह पीड़ित परिवार द्वारा मांग का लेटर है जिस पर जिला प्रशासन ने सहमति जताई थी।
यह पीड़ित परिवार द्वारा मांग का लेटर है जिस पर जिला प्रशासन ने सहमति जताई थी।

DM ने रिपोर्ट लगाई कि पीड़ित के पास पहले से सरकारी घर है। 3 जनवरी 2023 को मुकेश के पास मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से फोन आता है। उसमें बताया गया कि पीड़ित परिवार को जो 25 लाख मिलने थे उसमें से 8 लाख 25 हजार दिए जा चुके हैं। पीड़ित परिवार पहले से ही कांशीराम कालोनी के सरकारी आवास में रहते हैं। बेटे की नौकरी पर विचार किया जाएगा।

इस फोन कॉल को लेकर मुकेश कहते हैं, “हमें जो 8 लाख रुपए मिले वह SC-ST एक्ट के मिले हैं। न कि 25 लाख रुपए के वादे से मिले। बेटा B Com पास है लेकिन अब तक कहीं नहीं बुलाया गया।” पक्के घर को लेकर वह कहते हैं, “हमारा कांशीराम कॉलोनी वाला मकान रद्द कर दें और हमें दूसरा मकान दे दें।”

सांसद से मदद मांगी तो जवाब मिला- DM के यहां मरो
1076 से फोन आने पर मुकेश ने उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज को फोन किया। अपनी समस्या बताते हुए मुकेश ने कहा, "अब हम आपके घर आएंगे और वहीं मर जाएंगे।" साक्षी महाराज ने कहा, "हमारे यहां क्यों मरोगे, DM के यहां मरो न, हमने आश्वासन दिया था कि DM ने कहा था?"

मुकेश कहते हैं, "DM साहब कोई सुनवाई नहीं कर रहे।" सांसद ने जवाब दिया- "DM के यहां मरो जाके।" हालांकि, मुकेश ने ही यह बताया कि बाद में सांसद ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था।

अब धमकी मिलती है कि दूसरी बेटी की लाश भी नहीं मिलेगी
पूजा की मां रीता अपनी दूसरी बेटी का सोचकर रोने लगती हैं। वह कहती हैं, "अब धमकी मिलती है कि केस वापस ले लो वरना बड़ी बेटी की तो लाश मिल गई थी लेकिन छोटी बेटी की लाश भी नहीं मिलेगी। बताइए हम अपनी 12 साल की बेटी को लेकर कहां जाएं? न सिर्फ हमें बल्कि हमारे वकील सरोज भारती को भी धमकियां मिलती हैं। इसलिए मैं चाहती हूं कि उन्हें भी सुरक्षा दी जाए।"

हमने वकील सरोज भारती से सुरक्षा को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि मैं कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में भी पीड़ित पक्ष का वकील हूं। पिछले दिनों एक ट्रक के जरिए मुझे मारने की कोशिश की गई। SP को कई बार पत्र लिखा लेकिन अभी तक सुरक्षा नहीं मिली।

DM बोलीं, उस वक्त हम उन्नाव में नहीं थे
इस मामले को लेकर DM अपूर्वा ने कहा, जिस वक्त की घटना है उस वक्त मेरी पोस्टिंग यहां नहीं थी। अब मामला जानकारी में है तो इसमें जो मांगे जिला प्रशासन ने मानी थी उसे पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

फिलहाल इस मामले में मुख्य आरोपी राजौल सिंह के साथ 6 और लोग जेल में बंद हैं। इसमें आश्रम के महंत, राजौल के भाई अशोक सिंह भी शामिल हैं। मामले की अगली तारीख 20 फरवरी लगी है। मुकेश चाहते हैं कि इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो लेकिन इस पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया।

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