उन्नाव में विदेश में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी:विदेश भेजने के नाम पर युवक से एक लाख रुपये की हुई ठगी, महीनों मांगता रहा पैसा; हैदराबाद में सदमे से हुई मौत, आज शव पहुंचा उन्नाव

उन्नाव4 महीने पहले
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परिवार में सुनील पालन पोषण करने के लिए अकेला था। - Dainik Bhaskar
परिवार में सुनील पालन पोषण करने के लिए अकेला था।

उन्नाव में एक युवक को विदेश भेजने के नाम पर ठगों ने 1 लाख रुपये ले लिया और उसे ऊंचे सपनों का ख्वाब दिखाया। गरीब युवक ने किसी तरह इंतजाम कर रूपए दिए लेकिन ठगी करने वाले ने उसे विदेश नहीं भेजा। पैसा वापस मांगने पर नहीं मिला तो हैदराबाद में सदमे में युवक की मौत हो गई। आज जब युवक का शव घर पहुंचा तो परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। सूचना पर भारी पुलिस बल पहुंचा और परिवार को न्याय का आश्वासन दिया। जिसके बाद मामला शांत हुआ।

पत्नी के जेवर बेच कर इकठ्ठा किये थे एक लाख

थाना सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के मजरा आदिम अलीखेड़ा निवासी सुनील की पत्नी मीरा ने आरोप लगाया कि कस्बे के गांधी नगर निवासी अमन पुत्र प्रकाश ने पति सुनील को विदेश भेजने के नाम पर 1 लाख रुपये लिए थे। विदेश जाने की लालसा में उन्होंने मेरे जेवरात भी बेच डालें। कई महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें विदेश नहीं भेजा गया। इसी बीच कई बार उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को पालने के लिए सुनील हैदराबाद जाकर गमले का काम करने लगा। कोरोना के चलते गमले का काम मंदा हो गया था। आर्थिक रूप से परेशान सुनील ने एक बार फिर पैसों की वापस करने की मांग की। लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। जिससे उसे सदमा लग गया और उसकी बुधवार को हैदराबाद में मौत हो गई। सुनील का शव गुरूवार को जैसे ही घर पहुंचा तो परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों संग हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर मामले को किसी तरह शांत कराया।

पुलिस ने दिया आश्वासन होगी कड़ी कार्यवाही

कोतवाली प्रभारी हरकेश राय ने बताया कि घटना की सूचना प्राप्त हुई है। तहरीर मिलते ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई कर पैसा वापस कराया जाएगा।

सुनील का शव गुरूवार घर पहुंचा है।
सुनील का शव गुरूवार घर पहुंचा है।

जीविका के लिए खड़ा हो गया बड़ा संकट

परिवार में सुनील पालन पोषण करने के लिए अकेला था। उसकी मौत हो जाने के बाद जीविका के लिए परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पत्नी मीरा कहती है कि वह परिवार के लिए विदेश जाना चाहते थे ताकि मेहनत मजदूरी कर हम सबको अच्छी जिंदगी दे पायें लेकिन रूपए के लालची लोगों ने उनकी जान ले ली। मृतक सुनील के दो बेटे और दो बेटियां हैं। जिनमें बड़ी बेटी अनामिका (11) और अंशिका (8) है। बेटे आलोक (5) और आशु (2)वर्ष का है। सबका रो रो कर बुरा हाल है।

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