यूक्रेन से उन्नाव पहुंची छात्रा:परिजनों के गले लग फफक-फफक कर रोई, कहा- अभी भी मेरे कई साथी वहां फंसे

उन्नाव7 महीने पहले
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यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध चल रहा है। जहां गंगाघाट क्षेत्र के अखलॉक नगर निवासी मेडिकल छात्रा कई दिनों से युद्ध के बीच में फंसी थी। काफी जद्दोजहद के बाद शुक्रवार दोपहर वह फ्लाइट से मुम्बई एयरपोर्ट पहुंची। जिसकी जानकारी उसने अपने परिजनों को दी। यह सुन परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। देर रात वह प्लेन से लखनऊ पहुँची। जहां पहले से मौजूद अपने परिजनों के देख गले लग गयी। परिजनों से अपने साथ रात 2 बजे घर जाजमऊ ले आएं।

मेडिकल छात्रा यासमीन के पिता ने बताया कि बेटी हंगरी एयरपोर्ट से फ्लाइट से मुम्बई के लिये रवाना हुई थी। बीती दोपहर करीब दो बजे वह मुम्बई पहुंच गई। उसने फोन पर जानकारी दी। जिससे परिवार के सभी सदस्य खुशी से झूम उठे। नाते रिश्तेदारों को पता चला तो उन्हें भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। डॉ. नसीम अहमद के अनुसार हंगरी से फ्लाइट दिल्ली पहुंचनी थी। इसलिये वह बेटी को लेने के लिये दिल्ली पहुंच गये। किसी कारण से फ्लाइट मुम्बई पहुंच गई। देर रात वह भी लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

देर रात छात्रा पहुंची घर

उधर बेटी के भी लखनऊ आने की सूचना मिल गई है। उन्होंने बताया कि बेटी के सकुशल वतन आने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। बेटी के लखनऊ आने की सूचना पर डॉ नसीम अहमद और उनकी पत्नी अर्शिया अपनी बेटी एमन के साथ लखनऊ पहुंचे। जहां रात करीब 9:30 बजे मुंबई की से फ्लाइट लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट पहुंची। यासमीन ने एयरपोर्ट पर अपने माता-पिता और परिजनों को देखा तो दौड़ कर उन्हें गले लगा लिया। बेटी के सकुशल वापसी आने पर माता-पिता की आंखें छलक आई। जिसके बाद परिजन बेटी को लेकर देर रात घर के लिए अमौसी एयरपोर्ट से रवाना हुए और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही मिशन गंगा अभियान की प्रशंसा की। यासमीन ने कहा कि मेरे अभी कई साथी फंसे हैं हम चाहते हैं कि वह भी जल्द वापस आए।

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