वाराणसी में 7 दिन पहले हुए हत्याकांड में 2 गिरफ्तार:उधार न लौटाने के लिए बिजनेस पार्टनर ने कराई थी हत्या, पुलिस को साजिश रचने वाले की तलाश

वाराणसी4 महीने पहले
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वाराणसी में युवक की हत्या में शामिल 2 आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसपी ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
वाराणसी में युवक की हत्या में शामिल 2 आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसपी ग्रामीण।

वाराणसी के भदोही जिले में 7 दिन पहले हुए मनोज यादव हत्याकांड में शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा किया। हत्या उसके बिजनेस पार्टनर ने अपने मौसेरे भाई से गोली मरवा कर कराई थी। घटना को अंजाम देने के पीछे की वजह मनोज के लाखों रुपए पार्टनर पर उधार होना बताया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, उधार न चुकाना पड़े, इसलिए मनोज की हत्या की साजिश उसके पार्टनर ने रची थी। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि वारदात के सूत्रधार मनोज के बिजनेस पार्टनर की तलाश जारी है।

सर्विलांस की मदद से पकड़ा गया आरोपी
मामला जंसा थानाक्षेत्र स्थित नैपुरा गांव का है। यहां बृजेश मिश्रा की डेयरी है, जो एक अरसे से बंद चल रही है। बीती 10 सितंबर को डेयरी में ही मनोज यादव की हत्या कर दी गई थी। मनोज की हत्या की सूचना पुलिस को बृजेश के मौसेरे भाई संहसापुर बेल्हना निवासी शुभम मिश्रा ने दी थी।

एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ और सर्विलांस की मदद जानकारी मिली कि डेयरी में शुभम के अलावा और कोई नहीं आया था। इसीलिए उस पर शक गहराया। पूछताछ शुरू की गई। जिसमें शुभम ने उलझाने की कोशिश की, लेकिन बाद में वह टूट गया। इसके अलावा एक और खास बात यह भी थी कि बृजेश का मोबाइल हत्या के बाद बंद हो गया था। उसकी लोकेशन भी नहीं मिली।

पैसे दिया था और जेवर दिलाया था
शुभम ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि मनोज लगभग 10 साल से बृजेश के साथ रहकर ठेकेदारी समेत अन्य काम पार्टनरशिप में करता था। मनोज यादव ने लाखों रुपए बृजेश को उधार दे रखे थे। इसके अलावा बृजेश और उसके एक दोस्त को मनोज ने भदोही के 2 सर्राफ से 3 लाख रुपए के गहने उधार दिलाए थे। मनोज अपने जेवर के रुपए बार-बार बृजेश से मांग रहा था। इससे आजिज आकर बृजेश ने मनोज की हत्या की साजिश रची और मौसेरे भाई शुभम को तैयार किया।

पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर की दोपहर बाद बृजेश के डेयरी पर मनोज अकेला था, तभी शुभम ने उसके सिर पर गोली मार दी। शुभम ने पुलिस को बताया कि वह वारदात में इस्तेमाल किया गया असलहा अपने गांव निवासी अशोक पांडेय के घर पर रखा हुआ है। इस पर पुलिस ने अशोक के घर छापा मार कर .32 बोर की देसी पिस्टल, .315 बोर का एक तमंचा, 4 कारतूस और 1 मोबाइल बरामद किया। इसके साथ ही आरोपी शुभम और अशोक को गिरफ्तार कर लिया।

साजिश रच कर भाग गया था दिल्ली
मनोज की हत्या में बृजेश का नाम न आए, इसलिए वह साजिश रचने के बाद 8 सितंबर की रात दिल्ली चला गया था। पुलिस के मुताबिक बीते 1 महीने से मनोज यादव बार-बार रुपए वापस करने के लिए बृजेश से कहता था। आपराधिक प्रवृत्ति के बृजेश ने उसे रास्ते से हटाकर रुपये न देने की ठानी।

एसपी ग्रामीण ने बताया कि मनोज का कितना उधार था, यह बृजेश के गिरफ्तार होने के बाद ही पता लगेगा। बृजेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 2 टीम लगी हुई है।

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