कुलपति जी, 10 महीने से इंतजार में हैं छात्र:30 दिन पहले नियुक्त BHU के 28वें VC ने नहीं संभाला कार्यभार; छात्र बोले- क्या अगले साल लेंगे चार्ज

वाराणसीएक महीने पहले
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BHU के नवनियुक्त कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने अभी तक अपना पद नहीं संभाला है। - Dainik Bhaskar
BHU के नवनियुक्त कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने अभी तक अपना पद नहीं संभाला है।

30 दिन हो गए BHU को 28वां कुलपति मिले, मगर अब तक वह अपने पद पर नहीं बैठे हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) 10 महीने से अस्थाई कुलपति के हवाले है। छात्रों के मन में डर बैठ गया है कि शायद 2021 में उन्हें स्थाई कुलपति नहीं मिलने वाला। भारत सरकार की ओर से IIT- गांधीनगर के निदेशक प्रो. सुधीर कुमार जैन 14 नवंबर को BHU के कुलपति नियुक्त किए जा चुके हैं। हैरान करने वाली बात है कि उन्होंने अपना अब तक चार्ज नहीं लिया है। ऐसा पहली बार है कि कोई कुलपति 4 दिन से कैंपस में मौजूद है, मगर अपना कार्यभार संभालने के बजाय वह शहर का भ्रमण कर रहे हैं। कुछ छात्रों ने बताया कि कहीं अगले साल तक न मामला लटक जाए।

बिना चार्ज लिए बैठक में शामिल

यह भी जानकारियां बाहर आईं कि अपना दायित्व संभाले बिना ही वह विश्वविद्यालय की तमाम बैठकों में भी शामिल हो रहे हैं। इससे BHU के करीब 50 हजार छात्रों, प्रोफेसरों ओर कर्मचारियों तरह-तरह की भ्रांतियां उठ रहीं हैं। BHU के छात्रों में बढ़ता असंतोष अब विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए नासूर बनता जा रहा है। सोशल सांइस के छात्र राणा रोहित ने कहा कि वह किस ओहदे से बैठकों में गोपनीय फाइलों का अवलोकन कर रहे हैं। हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि BHU के करेंट VC या रजिस्ट्रार जरूरत के अनुसार अपनी बैठक में शामिल कर सकते हैं। वहीं कैंपस के लोगों के मन में यहीं सवाल भी आ रहा है कि क्या वह अपना चार्ज लेंगे या वापस गुजरात कूच करेंगे।

इस बारे में जानकारी जुटाने के लिए प्रो. जैन को टेलीफोन किया गया, मगर उन्होंने फोन कट कर मैसेज भेजा कि प्लीज सेंड टेक्सट। दैनिक भास्कर की ओर से मैसेज में उनकी ज्वाइनिंग डेट पूछी गई है, जिसका जवाब अब तक मिला है।

BHU के कुछ अधिकारियों और छात्रों से बातचीत हुई तो जिन्होंने कई तरह की अटकलें लगाईं हैं-

- प्रो. जैन अभी विश्वविद्यालय की कार्यशैली से रूबरू हो रहे हैं। यहां किए गए कार्यों और पदाधिकारियों की लंबी-चौड़ी एनालिसिस चल रही है। जब तक यह पूरा नहीं हो जाता तब तक कुलपति का चार्ज वह नहीं लेंगे।

- छात्र कपिश्वर ने कहा कि लगता है इस साल भी BHU को स्थाई कुलपति नहीं मिलने वाला।

- वंदना ने कहा कि शायद वह गांधीनगर छोड़ना ही नहीं चाहते। मंत्रालय को अब इस मामले दखलअंदाजी करनी चाहिए।

- एक अधिकारी ने कहा कि वह IIT-कानपुर जाना चाहते हैं।

- गांधीनगर में कागजी कार्यवाही में काफी लेट-लतीफी हो रही है।