कैसे होगी घाट पर छठ पूजा:वाराणसी में 3 लाख लोग करते हैं छठ पूजा; गंगा में आई बाढ़ से जमी दलदली मिट्‌टी ने बढ़ाई चिंता

वाराणसीएक महीने पहले
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वाराणसी में गंगा किनारे घाटाें पर गीली मिट्टी और गाद जमा है। - Dainik Bhaskar
वाराणसी में गंगा किनारे घाटाें पर गीली मिट्टी और गाद जमा है।

चार दिन बाद 10 नवंबर को छठ पूजा है। इस खास त्योहार पर वाराणसी में एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है। वाराणसी में गंगा में आई दो बार बाढ़ और प्रशासनिक सुस्ती ने छठ व्रतियों को चिंता में डाल दिया है। महिलाएं तो अब कह रही हैं कि घाट पर दलदल है तो वे कैसे छठ मनाएंगी। घाट पर तो गीली मिट्‌टी जमा है।

महिलाओं ने कहा कि गन्ना कहां लगाएंगे। मिट्टी की वेदिका कहां पर बनाएंगे। पूजा कहां बैठ कर करेंगे। डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए कमर तक पानी में कैसे उतरेंगे। वाराणसी के घाटों पर छठ को लेकर कोई सुरक्षा व्यवस्था अभी तक नहीं है।

घाट पर दलदल है तो महिलाएं कैसे छठ मनाएंगी।
घाट पर दलदल है तो महिलाएं कैसे छठ मनाएंगी।

यूपी-बिहार का केंद्र बिंदु वाराणसी है। यहां 3 दिन पहले गंगा का जितना पानी घटा है, इससे वहां खूब गाद (बाढ़ में बहकर आई गीली मिट्‌टी) जमा हो चुकी है। घाटों पर साफ-सफाई को लेकर वाराणसी कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने हाल ही में बैठक कर नगर निगम और जिला प्रशासन को निर्देश भी दिया था। कहा था कि सभी घाटों पर साफ-सफाई करवा कर 4 दिन पहले रिपोर्ट से अवगत कराएं। मगर, घाटों के किनारे जमीन अभी भी बेहद दलदली है। वहीं बालू और गीली मिट्टी खूब जमा है। साथ में अर्घ्य देने का भी कोई इंतजाम नहीं दिख रहा है। हालांकि घाट के आसपास रहने वाले लोग गाद को हटाने में जुट गए है, लेकिन 10 नवंबर तक काम पूरा हो पाएगा या नहीं, इस पर अभी संशय है।

कमिश्नर ने सभी घाटों पर साफ-सफाई करवाने को कहा था।
कमिश्नर ने सभी घाटों पर साफ-सफाई करवाने को कहा था।

करीब 3 लाख लोगों की होती है भीड़
वाराणसी में 3 लाख से अधिक लोग गंगा और वरुणा के किनारे छठ की पूजा करते हैं। शहरी क्षेत्र के सभी 84 और ग्रामीण इलाकों के करीब 20 घाटों पर छठ माता की पूजा की जाती है। हालात यह है कि गांव से लेकर शहर तक के घाटों की साफ-सफाई न के बराबर है। वहीं छठ पूजा के लिए अलग से कोई घाट नहीं बनाया गया है। वहीं वाराणसी प्रशासन को इस बात की चिंता ही नहीं है कि छठ पूजा किस तरह से की जाएगी।

शहर से लेकर गांव तक के घाटों पर सफाई नहीं हुई।
शहर से लेकर गांव तक के घाटों पर सफाई नहीं हुई।

कुछ ऐसे छठ घाट हैं जहां तक जाने वाली सड़क की स्थिति भी खराब है। ऐसे में श्रद्धालुओं और महिलाओं को छठ पूजा के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। शहरी क्षेत्र में कुछ घाट ऐसे हैं जहां सफाई का कार्यक्रम आज ही शुरू हुआ है।

घाट की सीढ़ियों तक दलदली मिट्‌टी जमा है।
घाट की सीढ़ियों तक दलदली मिट्‌टी जमा है।

इन घाटों पर शुरू हुई सफाई
छठ पर्व को लेकर नगर निगम ने शनिवार को राणा महल घाट, मान मंदिर घाट, दशाश्वमेध घाट, चौसट्ठी घाट, अस्सी घाट, राजा घाट पर सफाई शुरू किया है।

छठ पर्व को देखते हुए कई घाटों पर सफाई शुरू हुई।
छठ पर्व को देखते हुए कई घाटों पर सफाई शुरू हुई।

स्थानीय लोग बोले- बिजली तक नहीं पहुंची
गंगा किनारे रहने वाले राजेश, दीनानाथ, राजेश, राम दरश, राहुल, प्रमोद, अशोक, संतोष, सोनू, पंकज, अभिषेक, अरुण, राहुल आदि लोगों ने बताया कि छठ घाट पर अभी तक साफ सफाई नहीं हुई है। अभी तक बिजली की व्यवस्था भी नहीं हुई है।

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