आज कोरोना से 174 लोग संक्रमित, 6 बच्चे पॉजिटिव:न कोरोना थम रहा, न लापरवाही, वाराणसी में 421 कोरोना एक्टिव केसेज; 2 मरीज होम आइसोलेशन में रिकवर

वाराणसी4 महीने पहले
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वाराणसी में आज कोरोना से 174 लोग संक्रमित हुए। अब कुल मिलाकर 421 कोरोना एक्टिव केसेज हो गए हैं। वहीं 2 मरीज होम आइसोलेशन में कोविड निगेटिव भी आए। बुधवार को कुल 120 नए मामले सामने आए थे। इतनी तेजी से फैल रहे कोरोना के पीछे ओमिक्रॉन को ही कारण माना जा रहा है। कम्युनिटी लेवल पर फैल रहा है। कोरोना महामारी अब गली-गली में फैलने लगी है। अब यह नहीं थमेगा। हर रोज कांटैक्ट ट्रेसिंग में इतने अधिक लोग संक्रमित आ रहे हैं।

इन जगहों से आए पॉजिटिव

आज BHU के ट्रॉमा सेंटर के 5 डॉक्टर, BHU गर्ल्स हॉस्टल की कई छात्रा, IMS-BHU, BHU-कर्मचारी आवास, सेंट जांस (BLW), LBS हाॅस्पिटल, BLW, दुर्गाकुंड, अशोक विहार, भगवानपुर, छित्तूपुर, सिगरा, रथयात्रा, पांडेयपुर, चितईपुर, कैंट, महमूरगंज, रविंद्रपुरी, नदेसर, लंका, रामनगर, नीचीबाग, चौकाघाट, लहरतारा, सुंदरपुर, सारनाथ, सिगरा, सामनेघाट, जवाहर नगर, गोविंदपुर, शिवपुर, पहड़िया, जियापुर, महमूरगंज, पांडेयपुर आदि जगहों से लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। आज आई जांच रिपोर्ट में 6 बच्चे भी कोविड पॉजिटिव आए हैं। इसमें चार से 12 साल के बीच के बच्चे शामिल हैं। आज पॉजिटिव आए मामलों में 70% संख्या पुरुषों की है। वहीं इनमें से 60% वैक्सीनेटेड हैं।

5,929 लोगों की आई जांच रिपोर्ट

आज वाराणसी में कुल 5,929 लोगों की कोविड जांच रिपोर्ट आई, जिसमें इतने लोग पॉजिटिव आए हैं। वहीं, अभी 3,548 लोगों के जांच की रिपोर्ट आनी बाकी है। गुरुवार को 6,278 लोगों ने कोविड का टेस्ट कराया। इनकी रिपोर्ट शुक्रवार को आएगी। इन लोगों की कांटैक्ट ट्रैसिंग की जा रही है। पॉजिटिव आने पर आइसोलेट करके दवा दी जाएगी।

कोरोना की तरह लापरवाही भी नहीं थम रही

स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सर्दी के साथ बुखार आए तो तत्काल अपने पास के 14 स्टेटिक बूथ में फ्री कोविड टेस्ट करा लें। मगर शहर में हालात कुछ ऐसे हैं कि पब्लिक प्लेस पर बड़ी संख्या में लोगों की जुटान हो रही है। बिना मास्क और सैनिटाइजर के लाखों लोग घाट, सड़काें और दुकानों में जुट रहे हैं। इससे खतरा अब थमने वाला नहीं है। कोविड विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड की इस तीसरी लहर में काेई भी बचने वाला नहीं है। हर कोई संक्रमित होगा। अच्छी बात यह है कि इससे सिवियारटी नहीं बढ़ेगी। वहीं अस्पताल में भर्ती करने का जहमत किसी-किसी मामले में ही उठाना पड़ सकता है।

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