काशी का स्वर्वेद महामंदिर जहां नहीं होती मूर्ति पूजा:20 हजार लोग एक साथ कर सकते हैं मेडिटेशन, PM बोले- इच्छाशक्ति हो तो परिवर्तन दिखता है

वाराणसीएक महीने पहले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वाराणसी के उमरहां में स्वर्वेद महामंदिर धाम पहुंचे। यह मंदिर अपने आप में अनोखा है। सात मंजिला मंदिर में किसी देवी या देवता की मूर्ति नहीं है। महामंदिर में सिर्फ योग साधना की जाती है। यहां 20 हजार लोग एक साथ मेडिटेशन कर सकते हैं।

स्वर्वेद से तात्पर्य है स्व: और वेद। स्व: का एक अर्थ है आत्मा और वेद का अर्थ है ज्ञान। जिसके द्वारा स्वयं का ज्ञान प्राप्त किया जाता है, उसे ही स्वर्वेद कहते हैं। यहां तीन दिवसीय सद्गुरू सदाफलदेव विहंगम योग संस्थान के 98वें वार्षिकोत्सव और 5101 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ कार्यक्रम चल रहा है।

पीएम ने कहा हमारा देश इतना अद्भुत है कि यहां जब भी समय विपरीत होता है, कोई न कोई संत-विभूति, समय की धारा को मोड़ने के लिए अवतरित हो जाती है। ये भारत ही है जिसकी आजादी के सबसे बड़े नायक को दुनिया महात्मा बुलाती है। इच्छाशक्ति हो तो परिवर्तन दिखता है।

स्वर्वेद महामंदिर में मई 2017 में 21 हजार कुंडीय ज्ञान महायज्ञ हुआ था। उस वक्त इसे सबसे विशालतम यज्ञ कहा गया था।
स्वर्वेद महामंदिर में मई 2017 में 21 हजार कुंडीय ज्ञान महायज्ञ हुआ था। उस वक्त इसे सबसे विशालतम यज्ञ कहा गया था।

मंदिर की खासियत और मोदी के जाने की वजह

  • 7 मंजिला स्वर्वेद महामंदिर धाम 64 हजार स्कवायर फीट क्षेत्रफल में बना हुआ है। यह दुनिया के बड़े मेडिटेशन सेंटर में से एक है। 180 फीट ऊंचे मंदिर में कमल के आकार का गुंबद बना हुआ है। यहां एक साथ लगभग 20 हजार लोग बैठ कर योग कर सकते हैं। स्वर्वेद महामंदिर धाम का निर्माण कार्य 2014 में शुरू हुआ था, जो अभी तक जारी है।
  • वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के लिए पीएम मोदी को न्योता दिया गया था। योग के प्रति मोदी का लगाव जगजाहिर है। उन्होंने दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मान्यता के लिए एक बड़ी भूमिका निभाई है।
  • इसके अलावा आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश के नायकों का स्मरण किया जा रहा है। विहंगम योग समाज के संस्थापक सदगुरु सदाफलदेव जी महाराज की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका है। इस कार्यक्रम में देशभर से उनके अनुयायी आए हुए थे।
पीएम ने सद्गुरू सदाफलदेव जी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
पीएम ने सद्गुरू सदाफलदेव जी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

सद्गुरू ने स्वदेशी का दिया था मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वाधीनता संग्राम के समय सद्गुरू ने हमें स्वदेशी का मंत्र दिया था। आज उसी भाव में देश ने अब आत्मनिर्भर भारत मिशन शुरू किया है। आज देश के स्थानीय व्यापार-रोजगार को, उत्पादों को ताकत दी जा रही है। लोकल को ग्लोबल बनाया जा रहा है। पुरातन को समेटे हुए नवीनता को धारण करना, बनारस देश को नई दिशा दे रहा है।

हमारी सभ्यता के ये शहर पूरे विश्व को दिशा दिखा सकते हैं। बनारस के विकास की बात करते हैं तो इससे पूरे भारत के विकास का रोडमैप बन जाता है। यहां देश भर के अलग-अलग कोने से आए हुए लोग जब काशी से वापस जाएंगे तो यहां के अनुभव, विचार और आशीर्वाद सहित न जाने क्या कुछ लेकर जाएंगे।

काशी की ऊर्जा अक्षुण्य तो है ही...यह हर दिन नया विस्तार भी लेती है। आज ही गीता जयंती भी है। आज ही के दिन धरती को भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया था। आज के ही दिन कुरुक्षेत्र की युद्ध की भूमि में जब सेनाएँ आमने सामने थीं, मानवता को योग, आध्यात्म और परमार्थ का परम ज्ञान मिला था

मैं जब काशी आता हूं या दिल्ली में भी रहता हूं, तो प्रयास हूं कि बनारस के विकास कार्यों को गति देता रहूं। मैं सद्गुरु सदाफल देव जी को नमन करता हूं। उनकी आध्यात्मिक उपस्थिति को प्रणाम करता हूं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने स्वर्वेद महामंदिर धाम में सद्गुरु सदाफलदेव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया।

​​​​पीएम ने और क्या कहा?

  • आज परिस्थिति बदल रही है। जब देश-दुनिया से लोग काशी आते हैं, तो उन्हें सब कुछ बदला-बदला सा लगता है।
  • एयरपोर्ट से शहर पहुंचने में समय नहीं लगता है। रिंग रोड का काम रिकॉर्ड टाइम में पूरा हुआ है। बनारस की ओर आने वाली अन्य सड़कें भी चौड़ी हो गई हैं।
  • बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने का काम जारी है। सीवेज ट्रीटमेंट के लिए भी काम जारी है। गंगा घाटों पर सभ्यता और संस्कृति के अनुरूप ही विकास हुआ है।
  • बनारस एक बड़े मेडिकल हब के तौर पर उभर रहा है।
  • कल रात 12 से 12:30 बजे के बाद मुझे मौका मिला तो मैं फिर अपनी काशी और उसके विकास कार्यों को देखने निकल पड़ा।
  • गोदौलिया और बनारस रेलवे स्टेशन में विकास कार्य देखने को मिले। यहां 2015 की तुलना में अब पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो गई है।
  • कोरोना काल में बाबतपुर एयरपोर्ट से 30 लाख लोग आए-गए।
स्वर्वेद महामंदिर धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
स्वर्वेद महामंदिर धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

हम ऑर्गेनिक फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रहे

  • हम गोवंश को प्रगति का एक सशक्त माध्यम बनाना चाहते हैं। इसलिए हम ऑर्गेनिक फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रहे हैं।
  • 6 दिसंबर को जीरो बजट नेशनल फॉर्मिंग एक बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। इसमें जुड़ कर प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी लें।
  • आज से 2 साल बाद आप विहंगम योग संस्थान के 100वें वार्षिकोत्सव में शामिल होंगे। इसके लिए आप सभी बेटी को पढ़ाने का संकल्प लें।
  • जो जिम्मेदारी उठा सकते हैं, वह गरीब बेटियों को पढ़ाने का संकल्प लें।
  • पानी बचाने के लिए हम सभी को नदियों जैसे अपने जल स्त्रोतों को बचाना है और उन्हें संरक्षित व सुरक्षित करके रखना है।
  • हमें अपने आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना है। परमात्मा के नाम से सभी को ऐसा काम जरूर करना है जिससे समाज को लाभ मिले।
PM ने कहा कि बनारस जैसे शहरों ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी देश की संस्कृति, सभ्यता, इतिहास और कला को सुरक्षित रखा है।
PM ने कहा कि बनारस जैसे शहरों ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी देश की संस्कृति, सभ्यता, इतिहास और कला को सुरक्षित रखा है।