सलमान नहीं चुराया था सोना, ले भागे थे उचक्के:वाराणसी में आभूषण की दुकान में काम करने वाले युवक पर था चोरी का शक, बहनोई ने दोस्तों संग मार डाला था; 4 गिरफ्तार

वाराणसीएक महीने पहले
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सलमान को पीट-पीट कर मार डालने के आरोप में गिरफ्तार 4 आरोपी। - Dainik Bhaskar
सलमान को पीट-पीट कर मार डालने के आरोप में गिरफ्तार 4 आरोपी।

वाराणसी में कर्णघंटा में आभूषण की दुकान में काम करने वाला सलमान 300 ग्राम सोना नहीं चुराया था, बल्कि उचक्कागिरी का शिकार हुआ था। हालांकि सलमान की बात रिश्ते में उसके बहनाई लगने वाले दुकानदार ने नहीं मानी थी और अपने साथियों के साथ उसकी जमकर पिटाई की थी। पिटाई के दौरान ही अंदरूनी चोटें लगने के कारण सलमान की मौत हो गई तो दुकानदार और उसके साथी भाग निकले थे। यह खुलासा करने के बाद पुलिस ने बुधवार को 4 आरोपियों को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

यही वह 2 उचक्के हैं जो सलमान को अपनी बातों में उलझाकर उससे 15 लाख रुपए मूल्य का सोना लेकर भाग गए। इनके बारे में सही सूचना देने वाले को पुलिस 5 हजार रुपए का इनाम देगी।
यही वह 2 उचक्के हैं जो सलमान को अपनी बातों में उलझाकर उससे 15 लाख रुपए मूल्य का सोना लेकर भाग गए। इनके बारे में सही सूचना देने वाले को पुलिस 5 हजार रुपए का इनाम देगी।

11 सितंबर की रात की है वारदात

ओंकालेश्वर निवासी अशरफ अली का बेटा सलमान अपने बहनोई के ममेरे भाई कोदई चौकी निवासी कलीम की कर्णघंटा स्थित आभूषण की दुकान में काम करता था। 11 सितंबर की शाम कर्णघंटा स्थित कांप्लेक्स में आभूषण कारोबारी गोविंद सेठ ने अपना 300 ग्राम सोना साफ करने के लिए कलीम को दिया। कलीम ने सलमान को सोना दिया और उसे छत्तातले ले जाकर उसे साफ कराना था। कलीम की दुकान से सलमान सोना लेकर निकला तो उसे बुलानाला चौराहा के समीप 2 उचक्के मिले और अपनी बातों में उलझा कर सोना लेकर भाग गए। सलमान वापस दुकान गया और उचक्कागिरी की बात बताया तो कलीम उसकी बात पर विश्वास नहीं किया।

चौक क्षेत्र में बुधवार की दोपहर इंस्पेक्टर चौक डॉ. आशुतोष कुमार तिवारी के साथ चेकिंग करते एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय।
चौक क्षेत्र में बुधवार की दोपहर इंस्पेक्टर चौक डॉ. आशुतोष कुमार तिवारी के साथ चेकिंग करते एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय।

घर वालों के सामने ही बुरी तरह मारा

तकरीबन 15 लाख रुपए मूल्य का सोना गायब होने की बात पर कलीम बौखला गया। उसने सलमान के परिजनों को बुलाया। इसके साथ ही कलीम ने कादीपुर निवासी गोविंद सेठ, रानीपुर महमूरगंज के राहुल सेठ और जद्दूमंडी निवासी सचिन सहदेव उर्फ बॉबी को साथ लिया। चारों ने सोना देने के लिए सलमान को कहा और फिर उसके घर वालों के सामने ही पिटाई करने लगे। पिटाई में सलमान को अंदरूनी चोट लगी तो उसकी तबीयत खराब हो गई। आनन-फानन सलमान को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया जहां से डॉक्टरों ने उसे बीएचयू अस्पताल रेफर कर दिया। बीएचयू अस्पताल ले जाते समय रास्ते में सलमान की मौत हो गई तो कलीम और उसके 3 साथी मौके से भाग निकले।

सीसीटीवी फुटेज से खुला उचक्कागिरी का राज

डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि एसीपी दशावमेध अवधेश कुमार पांडेय के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर चौक डॉ. आशुतोष कुमार तिवारी के साथ दरोगा प्रकाश सिंह, स्वतंत्र सिंह व सौरभ पांडेय की टीम आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाई गई। दरोगा प्रकाश सिंह ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो पता लगा कि बुलानाला चौराहा के समीप सलमान के साथ उचक्कागीरी हुई थी। इसके बाद इसी टीम ने आरोपियों की तलाश में दबिश देकर उन्हें जालपा देवी चौराहा से गिरफ्तार किया।

कोतवाली थाने में दर्ज हुआ उचक्कागिरी का मुकदमा

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि बुलानाला चौराहा के समीप सलमान के साथ उचक्कागिरी की घटना हुई थी। सलमान के पिता अशरफ अली की तहरीर पर कोतवाली थाने में उचक्कागिरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। डीसीपी काशी जोन, एडीसीपी काशी जोन, एसीपी कोतवाली और एसीपी दशाश्वमेध को कहा गया है कि वह उचक्कों को हर हार में पकड़ कर सोना बरामद कराएं। सोना बरामद न होने और उचक्कों के न पकड़े जाने पर संबंधित थानेदार और चौकी इंचार्ज कार्रवाई की जद में आएंगे।

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