हर किचन तक कैसे पहुंचेगी सस्ती गैस:वाराणसी में अडानी ग्रुप के CBG प्लांट को लाइसेंस न मिलने से गैस की बिक्री नहीं हुई शुरू

वाराणसी9 दिन पहले
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वाराणसी के शहंशाहपुर स्थित उत्तर प्रदेश का पहला CBG प्लांट। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के शहंशाहपुर स्थित उत्तर प्रदेश का पहला CBG प्लांट।

वाराणसी में गोबर से गैस बनाकर हर किचन तक पहुंचाने की परियोजना में अभी देरी है। वाराणसी के शहंशाहपुर स्थित कान्हा उपवन परिसर में बने उत्तर प्रदेश के पहले कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट को गैस बेचने का लाइसेंस न मिलने से समस्याएं बढ़ने लगीं हैं। गैस उत्पादन का काम कई दिनों से ट्रायल पर था और स्टोरेज की कैपेसिटी भी अब फुल होने की कगार पर है। लाइसेंस न मिलने की वजह से उत्पादन का काम फिलहाल प्रभावित है। CBG गैस को CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और LPG (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) की तुलना में सस्ता और बेहतर माना जा रहा है।

वाराणसी के CBG प्लांट का मुख्य द्वार।
वाराणसी के CBG प्लांट का मुख्य द्वार।

बीते साल 25 अक्टूबर को वाराणसी से लोकसभा सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था और देश बीजेपी शासित 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को प्लांट का विजिट कराकर एक मॉडल की तरह से इसे प्रस्तुत किया गया था।

वाराणसी के CBG प्लांट में रखे प्रेस मड। इससे ही गैस बनाई जाती है।
वाराणसी के CBG प्लांट में रखे प्रेस मड। इससे ही गैस बनाई जाती है।

अडानी ग्रुप द्वारा तैयार किए इस प्लांट में रोजाना 3150 किलोग्राम गैस का उत्पादन किया जा सकता है। प्रोजेक्ट की लागत करीब 23 करोड़ रुपए है।

लाइसेंस मिलने के इंतजार में वाराणसी के CBG प्लांट में गैस से भरी खड़ी ट्रक।
लाइसेंस मिलने के इंतजार में वाराणसी के CBG प्लांट में गैस से भरी खड़ी ट्रक।

किसानों के गोबर अब कैसे बिकेंगे
दैनिक भास्कर ने जब प्लांट का विजिट किया तो देखा कि यहां पर उत्पादन का काम रूका हुआ है। वहीं किसानों ने कंपनी के बाहर गोबर का कंडी बनाकर रखे हुए हैं।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को प्लांट का विजिट कराया था।
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को प्लांट का विजिट कराया था।

हालांकि आसपास के किसानों ने बातचीत में बताया कि अब तक जितना भी गोबर लिया गया, उसका भुगतान कंपनी ने कर दिया है। मगर, आगे का रास्ता अब रुक गया है। कंपनी के एक अधिकारी से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया, मगर फोन रिसीव नहीं हुआ।

वाराणसी CBG प्लांट में शुक्रवार की शाम उत्पादन का ठप रहा।
वाराणसी CBG प्लांट में शुक्रवार की शाम उत्पादन का ठप रहा।

अगली बैठक में होगी लाइसेंस पर चर्चा
प्लांट को लाइसेंस पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) द्वारा जारी किया जाना है। यह केंद्रीय व्यापार-निर्माण, वाणिज्य उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आता है। कंपनी के सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह बायो गैस प्लांट निर्माण और संचालन बोर्ड की एक बैठक होने वाली है। इसमें लाइसेंस को लेकर चर्चा हो सकती है।

वाराणसी के शहंशाहपुर में स्थित CBG प्लांट।
वाराणसी के शहंशाहपुर में स्थित CBG प्लांट।

रोजाना 900 क्विंटल गोबर की खपत
इस प्लांट में कंप्रेस्ड बायो गैस को तैयार करने में 900 क्विंटल गोबर, प्रेस मड (चीनी फैक्ट्रियों से निकला गन्ने का वेस्ट) और नेपियर घास की जरूरत होती है। जो इंडस्ट्रीज रोजाना 500 से 600 किलो एलपीजी का इस्तेमाल करती हैं, यदि CBG से का प्रयोग करें तो खर्च में 5% की बचत होगी। यह CNG की ही तरह ही पॉल्यूशन फ्री और किफायती है। इसमें 55 हजार लीटर लिक्विड फर्टिलाइजर और 18 हजार किलो सॉलिड जैविक खाद भी बनेगा।

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