सब्जी एप और ड्रोन से आसान होगी खेती:कृषि मंत्री ने दी वाराणसी में किसानी की सीख; बोले- पिछली सरकार से 5 गुना ज्यादा कृषि बजट

वाराणसीएक महीने पहले
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर वाराणसी में IIVR के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर वाराणसी में IIVR के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया।

वाराणसी के भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) में आज 3 दिन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानी की सीख दी। संस्थान द्वारा बनाए गए सब्जी एप की तारीफ करते हुए कहा कि यह किसानों को टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना सिखाएगी। इसमें ड्रोन, रोबोट, सेंसर और अपग्रेडेड बीजों की जानकारियां मिलेंगी। वहीं उन्नत किस्मों के बारे में भी किसान जान पाएंगे। छोटे किसानों को उत्पादकता बढ़ाने के साथ खेती की प्रक्रिया को भी आसान कर पाएंगे।

इस एप का इस्तेमाल अभी SBI योनो बैंक के माध्यम से ही किया जा सकता है। उन्हाेंने बताया कि हमारे किसानों की बदौलत आज भारत विश्व की कुल सब्जियों का 15 प्रतिशत उत्पादन करता है। हम दुनिया में दूसरे सबसे बड़े सब्जी उत्पादक देश हैं।

पिछली सरकार से 5 गुना ज्यादा है एग्रो बजट

कृषि मंत्री तोमर ने बताया कि भारत में एग्रीकल्चर का बजट 1.23 लाख करोड़ रूपए कर दिया गया है। जबकि 2014 में यह महज 21 हजार करोड़ रुपए ही था। पिछली सरकार के मुकाबले 5 गुना ज्यादा है। वहीं 10 हजार नए किसान FPO में जुड़े हैं साथ में 1 लाख करोड़ रुपए का एग्री इंफ्रा फंड की स्कीम लांच की गई है। यह गरीब किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए ही लाई गई है।

331 मिलियन टन बागवानी फसल का उत्पादन भारत में

साल 2021 को विश्व खाद्य संगठन ने फल और सब्जी वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है। अच्छी बात यह है कि इसी साल बागवानी फसलों के उत्पादन ने 331 मिलियन टन की नई ऊंचाई को छुआ है। निश्चित रूप से इस अचीवमेंट के पीछे हमारे किसान भाइयों-बहनों की अथक मेहनत ही रही है। वैज्ञानिकों का रिसर्च और सरकार की किसान हितैषी पॉलिसिज का भी रोल है।

ड्रोन से रोका था टिड्डियों का अटैक

तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में सरकार कृषि क्षेत्र की समस्याएं कम करके किसानों को खुशहाल बनाने का प्रयास कर रही है। केंद्रीय मंत्री तोमर ने बताया कि सरकार ने नई ड्रोन पालिसी बनाई है जिससे बड़े किसान भी ड्रोन आधारित खेती को बल दे सकते हैं। पिछले साल टिड्डी दलों के अटैक को कंट्रोल करने के लिए ड्रोन काफी मददगार साबित हुए थे।

कृषि मंत्री ने दी किसानी की ये सीख

-तोमर ने जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए। यह मिट्टी के लिए फायदेमंद है।

-खेती में पानी का दुरूपयोग न हो।

-कृषि डायवर्सिटी के नए आयाम हो।

-किचन गार्डन का इस्तेमाल बढ़ाया जाए।

-कमजोर किसान नई तकनीकों को अपनाएं।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र, पूर्व महानिदेशक डॉ. पंजाब सिंह, उप महानिदेशक (बागवानी) डॉ. आनंद कुमार सिंह, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के निदेशक डॉ. टीके बेहेरा और संस्थापक निदेशक डॉ. जी कल्लू, ISVS के अध्यक्ष डॉ. केवी पीटर और डॉ. कीर्ति सिंह समेत कई वैज्ञानिक, शोधार्थी, छात्र और किसान मौजूद रहे।