अन्न उत्सव पर कांग्रेस का हमला:वाराणसी में अजय राय बोले, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का करते थे विरोध; अब करोड़ों रुपए खर्च कर मार्केटिंग कर रही है भाजपा

वाराणसी6 महीने पहले
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अजय राय, कांग्रेस नेता, वाराणसी। - Dainik Bhaskar
अजय राय, कांग्रेस नेता, वाराणसी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नि:शुल्क अन्न पाने वाले लाभार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र उत्सव के संवाद पर गुरुवार को वाराणसी में कांग्रेस ने हमला बोला। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय राय ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का संसद में विरोध करने वाली भारतीय जनता पार्टी आज करोड़ों रुपए पानी मे बहा कर अपनी मार्केटिंग कर रही है। यह अन्न उत्सव नही भाजपा का ढकोसला उत्सव है। उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली यह सरकार गरीबों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। यह सरकार गरीबी नहीं बल्कि गरीबों को खत्म करना चाहती है।

मोदी ने मार्केटिंग, झूठ और जुमला दिया

लोकसभा चुनाव में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिद्वंद्वी रहे अजय राय ने कहा कि प्रति यूनिट 3 किलो गेंहू और 2 किलो चावल मिलता है। आज भी वही मिला, इसमें नई बात क्या है...? नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को मार्केटिंग, झूठ और जुमला के अलावा कुछ नहीं दिया। मार्केटिंग वाली सरकार ने पूरे प्रदेश में जनता के करोड़ों रुपए पानी में बहा कर सरकारी गल्ले की दुकानों पर गुब्बारा लगाकर और झोले पर अपना नाम छपवाकर इवेंट आयोजित किया। भाजपा तो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी अधिनियम के विरोध में थी।

शांता कुमार कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार यूपीए की सरकार में जब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम पर भारतीय संसद में बहस हो रही थी तो भाजपा के नेताओं ने सबसे अधिक विरोध किया था। आम चुनावों के बाद जब खुद भाजपा बहुमत में आई तो अब आज भाजपाई अन्न उत्सव मना रहे हैं।

मोदी-योगी को शर्म आनी चाहिए

प्रदेश के पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा कि योगी-मोदी को शर्म आनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को मुफ्त राशन का अधिकार है। मगर, झूठा श्रेय लेने के चक्कर में यह सरकार जनता को बेवकूफ बनाना चाहती है। कोरोना काल मे यह सरकार विफल रही। कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। बेरोजगारी चरम पर है और महंगाई बेतहाशा है। इन सब मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह सरकार नई-नई तरकीबें खोजती है। अन्न उत्सव के नाम कोई अलग काम नही हुआ है, पिछली प्रणाली के तहत ही राशन मिला है। यह कानून कांग्रेस पार्टी की देन है।

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