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जलयान का इंजन बंद होते ही पुरवा ने किया अनियंत्रित:अलकनंदा क्रूज वाराणसी के अस्सी घाट पर खड़ी नावों से टकराई, कोई यात्री हताहत नहीं; सभी 50 लोगों को सुरक्षित घाट पर उतार लिया गया

वाराणसी14 दिन पहले
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यात्रियों को गंगा दर्शन कराकर लौट रही अलकनंदा क्रूज तेज हवा के कारण वाराणसी स्थित अस्सी घाट पर नाव से टकराई। - Dainik Bhaskar
यात्रियों को गंगा दर्शन कराकर लौट रही अलकनंदा क्रूज तेज हवा के कारण वाराणसी स्थित अस्सी घाट पर नाव से टकराई।

वाराणसी स्थित अस्सी घाट पर आज रात अलकनंदा जलयान दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। श्रद्धालुओं को दर्शन कराकर लौट रही अलकनंदा क्रूज पूरवा हवा के तेज बहाव से अनियंत्रित हो गई। वहीं अस्सी किनारे लगी नावों से टकरा गई। इससे अंदर बैठे यात्री तो हताहत नहीं हुए, मगर क्रूज के कई शीशे और बॉडी के कुछ पार्ट चटक गए थे। वहीं घाट किनारे नाव पर बैठे लोग इस दौरान तत्काल पानी में डूबकर अपनी जान बचाते दिखे। लोगों ने बताया कि हवा के तेज बहाव की वजह से ही जलयान लहराने लगा।

वाराणसी स्थित अस्सी घाट पर क्रूज का यही हिस्सा नाव से टकराया।
वाराणसी स्थित अस्सी घाट पर क्रूज का यही हिस्सा नाव से टकराया।

50 लोगों को अस्सी पर उतार दिया गया

अलकनंदा क्रूज में 50 लोग सवार थे, जिन्हें आग्रह कर तत्काल सुरक्षित अस्सी घाट पर ही उतार दिया गया। इसके बाद क्रूज संत रविदास घाट की ओर निकल गई। अलकनंदा क्रूज लाइन के संचालन विकास मालवीय ने बताया कि कूलिंग सिस्टम में कुछ खराबी की वजह से इंजन गर्म हो रहा था। इसलिए अस्सी घाट के किनारे इंजन को बंद कर ठीक किया जाने लगा। तभी इंजन के बंद होते ही हवा के झोंके से क्रूज घाट की ओर खिसक गई और किनारे खड़े नावों से टकरा गई। विकास मालवीय ने कहा कि खराबी को ठीक कर लिया गया है। पहले की तरह से रोजाना अलकनंदा क्रूज का संचालन होगा।

क्रूज के टकराने के बाद यात्रियों को बाहर निकालते नाविक और क्रूजलाइन के स्टाफ।
क्रूज के टकराने के बाद यात्रियों को बाहर निकालते नाविक और क्रूजलाइन के स्टाफ।

नाविकों ने कहा, तेज हवा में न चलाए क्रूज

नाविक दीपक साहनी ने बताया कि संयोग अच्छा था कि गंगा में अलकनंदा के बहाव को पहले ही भांप लिया गया। इस वजह से लोगों की जान बची। दीपक ने कहा कि हवा के तेज बहाव के कारण नाव को हम लोग रोक दिए हैं तो यह अलकनंदा क्रूज का संचालन क्यों नहीं बंद किया गया। कहा कि तेज हवा के कारण नाव पलटती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

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