6 महीने बाद लौट आया डेल्टा वैरिएंट:फ्रांस और अमेरिका से होकर वाराणसी आए लोगों में मिले डबल म्यूटेंट वैरिएंट

वाराणसी2 महीने पहले
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BHU में कोरोना मरीजों की जांच सुपर शताब्दी ब्लॉक (SSB) में की जा रही है। - Dainik Bhaskar
BHU में कोरोना मरीजों की जांच सुपर शताब्दी ब्लॉक (SSB) में की जा रही है।

दूसरी लहर बीतने के 6 महीने बाद फिर से वाराणसी में डेल्टा वैरिएंट लौट आया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस स्थित मल्टी डिस्पलिनेरी यूनिट (MRU) में 8 सैंपलों पर किए गए जीनोम सिक्वेंसिंग में डेल्टा वैरिएंट पाए गए हैं। जहां दुनिया अब ओमिक्रॉन के खतरे के साए में जी रही है, वहीं वाराणसी में अभी भी डेल्टा का खतरा नहीं टला है। वाराणसी के 3 और गाजीपुर के 5 केसेज में डेल्टा वैरिएंट पाया गया है। ये डबल म्यूटेंट भी बताए जा रहे हैं, जो कि फ्रांस और अमेरिका से यात्रियों द्वारा लाए हैं। इसमें E417N और E484K म्यूटेशन दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये डेल्टा वैरिएंट बाहर से आए हैं। क्योंकि, इस समय उत्तर भारत में डेल्टा वैरिएंट लगभग खत्म हो चुके हैं।

वाराणसी में 4 मामले सक्रिय
वाराणसी में अब कोरोना के कुल 4 सक्रिय मामले हैं। वहीं, आज कोई नया केस नहीं आया है। पिछले 2 दिनों में ये मरीज सामने आए हैं। ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन लोगों के कोविड सैंपलों की जीनोम सिक्वेंसिंग कराई। जिसके बाद लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिलने का डर बैठ गया था। मगर, अब शहरवासियाें के लिए यह राहत की बात है। बता दें कि 2 दिन पहले एक 33 साल की महिला मुंबई होते हुए फ्रांस से वाराणसी आई थी। इसको देखते हुए प्रशासनिक लोगों में डर बैठ गया था कि कहीं ओमिक्रॉन न हो।

अमेरिका से होकर आए थे लोग
IMS-BHU के गैस्ट्रोएंट्रोलाजी विभाग के एक डाक्टर व एक मरीज के कोरोना संक्रमित मिले थे। इसके बाद सतर्कता बढ़ा दी गई। वहीं इसके बाद यूरोलाजी विभाग में 1 मरीज कोरोना पाजिटिव पाया गया। शनिवार को अन्नपूर्णा नगर कालोनी में 81 साल की एक बुजुर्ग महिला संक्रमित मिली। इसके अलावा गाजीपुर में जो 3 लोग संक्रमित थे वे सभी अमेरिका से वाराणसी आए थे। MRU लैब की प्रभारी प्रो. रोयना सिंह ने कहा कि गाजीपुर में अमेरिका से आया परिवार हैदराबाद होते हुए यहां आया था। जबकि बाकी के कोविड सैंपल पूर्वाेत्तर से जुड़े थे।

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