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वाराणसी में अन्नकूट महोत्सव:सवा लााख रुद्राक्ष की मालाओं से किया गया श्री काल भैरव बाबा का श्रृंगार, कोरोना से बचने की कामना

वाराणसी6 महीने पहले
बाबा को काशी का कोतवाल कहा जाता है।
  • श्री बाबा काल भैरव दर्शन करने से हर तरह की विपत्तियां ख़त्म हो जाती है

श्री काल भैरव बाबा का गुरुवार को वार्षिक रुद्राक्षमयी अन्नकूट महोत्सव है। बाबा का सवा लाख रुद्राक्ष की मालाओं से भव्य श्रृंगार किया गया है। केक, मिष्ठान्न, फल, नमकीन, मदिरा से छप्पन भोग भी प्रसाद में लगाया गया है। इस दौरान देश को कोरोना जैसी महामारी से बचाने की कामना की गयी।

पूरे मंदिर को रुद्राक्ष की मालाओं और फूलों से सजाया गया है

मंदिर के महंत अनिल कुमार दुबे ने बताया कि बाबा का वार्षिक श्रृंगार और अन्नकूट है। इनके दर्शन मात्र से हर प्रकार की बाधाएं खत्म होती है। जीवन में उन्नति, समृद्धि की प्राप्ति होती है। बाबा हर तरह के बुरे नजर से भी बचाते हैं। शाम को बाबा का प्रसाद भी बंटेगा। कोरोना काल मे 22 मार्च को बाबा का मंदिर बंद कर दिया गया था। 8 अगस्त को पुनः भक्तों के लिये खोला गया।

बाबा के यहां का चढ़ा काला धागा विपत्तियों से बचाता है

काशी के कोतवाल के रुप में विराजमान बाबा के मंदिर का जीर्णोद्धार 1715 में बाजीराव पेशवा ने करवाया था। इस मंदिर में नव ग्रह का भी मंदिर है। बाबा को जब ब्रह्म हत्या का दोष लगा तो उनको मुक्ति यही आकर प्राप्त हुई थी।