PM मोदी से बात कर हुईं गदगद:वाराणसी की बदामी देवी बोलीं- अब गरीबों से भी बड़े-बड़े मंत्री बात कर लेते हैं, ऐसा तो पहले नहीं होता था; मंत्रीजी मंत्री ही बने रहें

वाराणसी5 महीने पहले
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बदामी देवी, भीखमपुर गांव। - Dainik Bhaskar
बदामी देवी, भीखमपुर गांव।

वाराणसी के भीखमपुर गांव की बदामी देवी गुरुवार की दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत कर अभिभूत नजर आईं। गांव में पैदा हुई और ग्रामीण परिवेश में ही रह गईं बदामा देवी को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री के बीच का अंतर नहीं पता है। मगर, उन्हें इस बात की खुशी है कि वह भले ही गरीब परिवार से हैं लेकिन बड़े मंत्री (प्रधानमंत्री) ने उनसे बात कर उनके घर-परिवार और सुख-सुविधाओं के बारे में तो पूछा।

कार्यक्रम खत्म होने के बाद खुद को संयत रखते हुए लेकिन बहुत खुश दिखाई दे रहीं बदामा देवी ने कहा कि ऐसा तो पहले नहीं होता था। अब तो गरीबों से बड़े-बड़े मंत्री भी बात कर लेते हैं। मंत्रीजी मंत्री ही बने रहें।

अब ई उमिर पढ़े-सीखे के है का

बदामी देवी से पूछा गया कि प्रधानमंत्री से बातचीत से पहले आपको अफसरों ने कुछ बताया या समझाया था कि कैसे बात करनी है। इस पर बदामी देवी ने कहा कि अब ई उमिर पढ़े-सीखे के है का...। अफसर कहे थे कि बढ़िया से बात करना और जो सुविधा अब तक आपको मिली है, वही साहब को बताना। भैया, पक्का मकान और संडास (टॉयलेट) से लेकर बिजली कनेक्शन तक बहुत कुछ तो मिल गया... अब मंत्रीजी सामने दिखेन तो हम सब कुल सुनाए दिहे। फिर शरमाते हुए बदामी पूछने लगीं कि भैया हो कुछ गलत त नाहीं कहि दिहे रहे...।

गरीब आदमी को हर कोई पूछे और क्या चाहिए

बदामी देवी उच्च शिक्षा प्राप्त तेजतर्रार आधुनिक महिलाओं की तरह तो नहीं हैं लेकिन उन्होंने घर और समाज से काफी कुछ सीखा जरूर है। बदामी देवी से पूछा गया कि आज कैसा लगा तो उन्होंने कहा कि मत पूछा भैया... भाग्य खुल गए...। गरीब आदमी को हर कोई पूछे... उनका दर्द जाने...। जबसे करोना (करोना महामारी) आया है तबसे त सबही के हालत खराब है। ऐसे विपरीत समय में कोई हमारी मदद के लिए खड़ा हो जाए तो उससे बढ़ कर क्या बात है। बाकी सुख-दुख और कमी-बढ़ोतरी तो जीवन में लगा ही रहता है।

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