BHU की महिला प्रोफेसर ने किया आत्मदाह:कमरे में कागज जलाकर आग लगाई, बेटी चिल्लाती रही, लेकिन बचा नहीं पाई; पिता और भाई ने भी किया था सुसाइड

वाराणसीएक वर्ष पहले
सरोजिनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल की वॉर्डेन भी थी। (प्रोफेसर डॉ. किरण सिंह की फाइल फोटो)

वाराणसी में सोमवार की दोपहर BHU परिसर में महिला प्रोफेसर डॉ. किरण सिंह ने आत्मदाह कर लिया। प्रोफेसर परिसर में ही बने सरोजिनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल की वॉर्डेन भी थीं। हॉस्टल के करीब ही सरकारी आवास के फ्लैट के कमरे में महिला प्रोफेसर ने खुद को आग लगा ली। बेटी के शोर मचाने पर BHU प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी घटनास्थल की ओर दौड़े। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

हालांकि, जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक प्रोफेसर की मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची पुलिस आत्महत्या की वजह तलाशने में लगी है। वो BHU में विज्ञान संस्थान के मॉलिक्यूलर एंड ह्युमन जेनेटिक्स डिपार्टमेंट की एसोशिएट प्रोफेसर थीं। बताया जाता है कि उन्हें कोई बीमारी की वजह से प्रोफेसर का यूट्रस निकाल दिया गया था। इस वजह से यह अवसाद ग्रस्त थी।

डॉ. किरण की आत्महत्या की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारी।
डॉ. किरण की आत्महत्या की सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारी।

पति नहीं थे, बेटी खेल रही थी ग्राउंड फ्लोर के कमरे में
मूलरूप से गोरखपुर की रहने वाली डॉ. किरण (45) सरोजिनी नायडू हॉस्टल परिसर में बने सरकारी आवास में पति विवेक सिंह और बेटी स्वयंप्रभा उर्फ एनी के साथ रहती थी। डॉ. किरण के पति विवेक किसी काम से भोजूबीर गए थे। बेटी ग्राउंड फ्लोर के कमरे में खेल रही थी। डॉ. किरण का नौकर राजेंद्र प्रसाद उनके आवास की साफ-सफाई करने के लिए आया था।

डॉ. किरण ने मना करके नौकर से कल आने को कहा था। इसी बीच उनकी बेटी ने देखा कि घर के फर्स्ट फ्लोर पर बने कमरे से धुआं बाहर निकल रहा है। बेटी की चीखें सुनकर आसपास के लोग दौड़े। हालांकि, आग बुझाने से पहले ही डॉ. किरण की मौत हो चुकी थी।

अवसादग्रस्त रहती थीं डॉ. किरण
बताया जा रहा है कि बीमारी की वजह से इनका गर्भाशय (Uterus) निकाल दिया गया था। इस वजह से यह अवसाद ग्रस्त रहती थीं। इसका जिक्र वह अपने सह कर्मियों से भी करती थीं। इनके पिता और भाई भी इनसे पहले सुसाइड कर चुके हैं।

प्रोफेसर ने कागज जलाकर लगाई आग
डॉ. किरण की आत्महत्या की सूचना पाकर लंका थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। लंका थानाध्यक्ष महेश पांडेय ने बताया कि प्रथमद्रष्टया यही समझ में आया है कि कागज जलाकर प्रोफेसर ने आग लगाई हैं। फिलहाल फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है।

प्रोफेसर के पति और बेटी फिलहाल कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। पता लगाया जा रहा है कि आखिर प्रोफेसर ने आत्महत्या क्यों की है। उनके मायके वालों को भी सूचना दे दी गई है। तहरीर के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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