हड़ताली डॉक्टरों पर लगे ESMA और महामारी एक्ट:BHU के छात्रों ने कहा ; कल तक काम पर नहीं लौटें JR तो हम बैठेंगे धरने

वाराणसी10 महीने पहले
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल में हड़ताल कर रहे जूनियर रेजिडेंट (JR) के खिलाफ BHU के छात्रों ने ESMA (इसेंशियल सर्विस मेंटनेंस एक्ट) और महामारी एक्ट लगाने की मांग की है। छात्रों ने कहा कि 3rd वेब की आहट लग चुकी है और जूनियर डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छ़़ुड़ा रहे हैं। ऐसा करना इंसानियत और कानून दोनों की नजर में अपराध है। NSUI-BHU के एक प्रतिनिधिमंडल ने BHU के प्रभारी कुलपति प्रो. वीके शुक्ल और जिला प्रशासन से इस तरह की कार्यवाई करने की मांग उठाई।

शनिवार देर रात छात्रों ने हड़ताली डॉक्टरों का पुतला फूंका।
शनिवार देर रात छात्रों ने हड़ताली डॉक्टरों का पुतला फूंका।

OT में नहीं मिल रही ऑपरेशन की डेट

विरोध में उतरे छात्रों ने कहा कि मांग मनवाने के कई दूसरे तरीके भी हैं। लेकिन इस तरह से इसेंशियल सर्विस छोड़कर बैठ जाने से मरीजों की जान से खिलवाड़ करने जैसा है। अस्पताल की OPD से मरीज वापस जा रहे हैं। OT ऑपरेशन थिएटर के बाहर स्ट्रेचर पर पड़े मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं ऑपरेशन के लिए लोगों को अब डेट भी मिलने में मुश्किल आ रही है। सीनियर डॉक्टर यह कहकर ऑपरेशन टाल रहे कि डॉक्टर जब हड़ताल से लौटेंगे तक जाकर कुछ होगा।

लोकतांत्रिक तरीका अपनाए JR

इस बीच छात्रों ने एलान किया है कि अगर सोमवार तक डॉक्टर वापस नहीं आए तो वे आंदोलन करेंगे। छात्रों ने कहा है कि डॉक्टरों से अपील है कि विरोध का लोकतांत्रिक तरीका अपनाए। काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्वक अपनी मांग के लिए आवाज उठाए। अपनी ड्यूटी पर न जाकर मरीजों की जान से खिलवाड़ करना इंसानियत के विरूद्ध है।

छात्रों ने प्रभारी कुलपति प्रो. वीके शुक्ल से मिलकर मरीजों को हो रही समस्या पर गुस्सा दर्ज कराया। इसके बाद पत्रक सौंपते हुए चेतावनी भी दी कि यदि 12 घंटे में यह हड़ताल खत्म नहीं कराया गया तो बड़ी संख्या में छात्र भी अपने तरीके से धरना प्रदर्शन पर बैठ जाएंगे। उनके काम पर न होने से मरीजों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने हड़ताली डॉक्टरों के पुतले भी मुख्य द्वार पर जलाए। प्रतिनिधिमंडल में राणा रोहित, नीरज, कपीश्वर, जंग बहादुर, अभिनव आदि शामिल रहे।

26 नवंबर से हड़ताल पर डॉक्टर

NEET-PG कांउसिलिंग का मामला कोर्ट में अटके होने के कारण जूनियर डॉक्टर 26 नवंबर से हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि काउंसिलिंग न होने से उनकी नियुक्ति और प्रमोशन की प्रॉसेस रूकी हुई है। इसके आगे इन डॉक्टरों ने यह भी एलान किया है कि हमारी समस्या खत्म नहीं की गईं तो वे 6 दिसंबर तक इमरजेंसी सेवा से बंद कर देंगे। इन डॉक्टरों ने एसोसिएशन फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को एक चिट्टी भी भेज दी है।