बर्थ के लिए टीटीई से भिड़ा सिपाही:वाराणसी की कैंट जीआरपी के कांस्टेबल ने की हाथापाई, समझौते के लिए बनाया दबाव; कर्मचारी यूनियन नाराज

वाराणसी3 महीने पहले
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बरौनी-गोंडिया स्पेशल ट्रेन में जौनपुर से सवार हुए जीआरपी के एक सिपाही ने बर्थ के लिए टीटीआई के साथ हाथापाई की। वाराणसी के कैंट जीआरपी थाने में शिकायत करने पर कार्रवाई के बजाय टीटीई पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया। इस घटना को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे के कर्मचारी संगठन ने नाराजगी जताई है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि दोबारा अगर उनके किसी साथी के साथ ऐसी घटना हुई तो वह चुप नहीं बैठेंगे।

जौनपुर से ट्रेन में सवार हुआ था सिपाही

पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के टीटीई गुरु रतन विश्वकर्मा की ड्यूटी गाड़ी संख्या - 05231 बरौनी-गोंडिया स्पेशल ट्रेन में लगी थीं। बोगी संख्या-एस 3 में जौनपुर से चढ़े जीआरपी के सिपाही पंकज झा ने गुरु रतन से बर्थ दिलाने के लिए कहा। इस पर उन्होंने असमर्थता जताई। आरोप है कि इसके बाद सिपाही ने टीटीई से बर्थ देने के लिए कहासुनी की। इसके साथ ही हाथापाई करते हुए ट्रेन से नीचे फेंकने की धमकी दी और टीटीई का चार्ट भी फाड़ दिया। घटनाक्रम से भयभीत टीटीई ने कंट्रोल रूम में शिकायत की। ट्रेन वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची तो टीटीई गुरु रतन विश्वकर्मा जीआरपी थाने पहुंचे।

पुलिस के रवैये से बहुत दुख हुआ

गुरु रतन विश्वकर्मा ने बताया कि कैंट जीआरपी थाने में उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। उल्टे उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया। उन्हें कहा गया कि मुकदमा दर्ज कराकर क्या मिलेगा। सिपाही के बाद कैंट जीआरपी थाने के पुलिसकर्मियों के रवैये से उन्हें बहुत दुख हुआ।

इस घटना की जानकारी पाकर एनईआरएमयू के मंडल अध्यक्ष एनबी सिंह ने कहा कि वह सिपाही और जीआरपी कैंट थाने के पुलिसकर्मियों के रवैये की निंदा करते हैं। आगे किसी साथी के साथ ऐसा न हो, इसके लिए वह पुख्ता इंतजाम कराएंगे। उधर, इस संबंध में जीआरपी कैंट इंस्पेक्टर सुरेश कुमार सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है। सब कुछ सामान्य है।

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