काशी का बेटा टोक्यो में खेलेगा हॉकी:टोक्यो ओलिंपिक के लिए भारतीय हॉकी टीम में ललित का चयन, बेंगलुरू के नेशनल कैंप में कर रहे हैं तैयारी

वाराणसी4 महीने पहले
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ललित कुमार उपाध्याय-फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
ललित कुमार उपाध्याय-फाइल फोटो

भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी ललित कुमार उपाध्याय की बदौलत एक बार फिर देश और दुनिया में वाराणसी को इतराने का मौका मिला है। ललित का चयन टोक्यो ओलंपिक 2021 में हॉकी खेलने वाली भारतीय टीम के लिए किया गया है। ललित पहली बार ओलिंपिक खेलेंगे और उन्हें टीम में फारवर्ड खिलाड़ी के तौर पर शामिल किया गया है।

ललित कुमार उपाध्याय, हॉकी प्लेयर
ललित कुमार उपाध्याय, हॉकी प्लेयर

ललित बोले- वाराणसी और देश का नाम रोशन करूंगा

शुक्रवार को भारतीय हॉकी टीम की घोषणा होते ही ललित को बधाइयां देने वालों का तांता लग गया। फिलहाल बेंगलुरु में साई नेशनल कैंप में जाने की तैयारी कर रहे हैं। ललित ने कहा कि यह सब मां-पिता, गुरु और बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद का परिणाम है। पूरा प्रयास करूंगा कि वाराणसी और देश का नाम रोशन करूं।

वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के भगतपुर गांव के रहने वाले 28 वर्षीय ललित ने भोजुबीर स्थित उदय प्रताप कॉलेज के मैदान से हॉकी खेलना शुरू किया था। ललित ने बताया कि साई के कोच परमानंद मिश्र ने हॉकी के गुर सिखाए।

अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने वाले खिलाड़ी का सपना होता है ओलिंपिक

गुरु की बदौलत हॉकी वर्ल्ड कप 2014, वर्ल्ड लीग 2016-17, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2016 और 2018, एशिया कप 2017, एशियन गेम्स 2018 और चैंपियंस ट्रॉफी 2018 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। जो कोई हॉकी खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलता है, उसकी यह प्रबल इच्छा होती है कि उसे ओलिंपिक खेलने का मौका मिले। मां-बाप और गुरु की कृपा से शुक्रवार की दोपहर ओलिंपिक खेलने वाली टीम में शामिल होने की सूचना मिली तो यही मान कर चल रहा हूं कि अब जिम्मेदारी बढ़ गई है।

वाराणसी के भगतपुर गांव में रहने वाले ललित के मां-बाप।
वाराणसी के भगतपुर गांव में रहने वाले ललित के मां-बाप।

सब बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद और ललित की मेहनत का नतीजा

भगतपुर गांव निवासी सतीश उपाध्याय और रीता उपाध्याय को उनके 2 बेटों में छोटे ललित ने फोन कर ओलिंपिक खेलने वाली भारतीय हॉकी टीम में चयन की जानकारी दी तो वह खुशी से फूले नहीं समाए। सतीश उपाध्याय ने कहा कि यह सब बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद और ललित की मेहनत का नतीजा है।

बाबा विश्वनाथ और बाबा कालभैरव से प्रार्थना है कि ललित के साथ ही पूरी टीम शानदार प्रदर्शन करे। वहीं, मां रीता उपाध्याय ने कहा कि हम बस यही चाहते हैं कि बेटा अपने प्रदर्शन की बदौलत अपना और अपने देश का मान बढ़ाए। ललित दो भाइयों में छोटे हैं। उनके बड़े भाई अमित प्रयागराज में कैग में कार्यरत हैं।

पहले भी ओलंपिक में खेल चुके हैं बनारस के हॉकी खिलाड़ी

ललित से पहले भी भारतीय हॉकी टीम में शामिल होकर बनारस के खिलाड़ी ओलिंपिक खेल चुके हैं। मकबूल आलम रोड क्षेत्र में रहने वाले पद्मश्री मोहम्मद शाहिद 1980 में मास्को ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे।

इसके बाद शिवपुर क्षेत्र निवासी सगे भाई विवेक सिंह और राहुल सिंह भारतीय हॉकी टीम में शामिल होकर ओलिंपिक खेले। विवेक सिंह 1988 में और राहुल सिंह 1996 के ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम में शामिल थे। इन सबसे पहले 1956 में मेलबर्न ओलिंपिक में वाराणसी के कोईरीपुरी खुर्द निवासी चिक्कन पहलवान ने लाइट वेट मुकाबले में देश का प्रतिनिधित्व किया था।

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