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BHU के छात्र तराशेंगे गरीब बच्चों का भविष्य:वाराणसी के सीरगोवर्धन में खुला नि:शुल्क महामना कोचिंग सेंटर, कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चे शिक्षा के साथ पढ़ेंगे सामाजिक मूल्यों की भी पढ़ाई

वाराणसी8 महीने पहले
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महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर महामना समिति नि:शुल्क कोचिंग की शुरुआत की गई। - Dainik Bhaskar
महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर महामना समिति नि:शुल्क कोचिंग की शुरुआत की गई।

वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पूर्व और वर्तमान छात्र मिलकर विश्वविद्यालय के आसपास रहने वाले गरीब बच्चों का भविष्य बनाएंगे। रविवार को विश्वविद्यालय कैंपस के समीप सीरगोवर्धनपुर में महामना सेवा समिति नाम से एक नि:शुल्क कोचिंग (कक्षा 1 से 12वीं तक) की शुरुआत की गई।

इसमें आसपास के हर गरीब और लाचार परिवार का बच्चा शिक्षा ले सकेगा। शिक्षा के साथ ही बच्चे के शारीरिक विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम कराए जाएंगे। BHU के समाजशास्त्री और शोध छात्र भी इन बच्चों को समय-समय पर प्रशिक्षित करेंगे। बच्चों की किताब-कॉपी से लेकर सारा खर्च पुरातन छात्रों द्वारा उठाया जाएगा।

महामना मालवीय की सोच के अनुरूप हर तबके तक शिक्षा की पहुंच बनाने के लिए ही इस कोचिंग की स्थापना की गई है। इस कोचिंग के संचालकों ने आसपास के क्षेत्रों का सर्वे कर गरीब से गरीब परिवारों की जानकारी जुटाई और उनके बच्चों को महामना समिति में पढ़ाई के लिए भेजने की अनुमति ली। इस दौरान कई मां-बाप के चेहरे खुशी से खिल उठे।

कोचिंग का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजकुमार पांडेय (चौकी इंचार्ज BHU) और प्रो. अखिल मेहरोत्रा (शारीरिक शिक्षा विभाग BHU) ने किया।
कोचिंग का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजकुमार पांडेय (चौकी इंचार्ज BHU) और प्रो. अखिल मेहरोत्रा (शारीरिक शिक्षा विभाग BHU) ने किया।

BHU चौकी इंचार्ज ने कहा- बच्चों में सीखने की क्षमता अधिक

इस कोचिंग के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि राजकुमार पांडेय (चौकी इंचार्ज BHU) और प्रो. अखिल मेहरोत्रा (शारीरिक शिक्षा विभाग BHU) थे। राजकुमार ने कहा कि बच्चों को किताबी लेक्चर सुनने से बेहतर वस्तुस्थिति को दिखाकर या करके बताएं। बच्चों में याद रखने और देखकर सीखने की क्षमता वयस्कों से कई गुना अधिक होती है। इस उम्र में बच्चा जो भी सीखता या देखता है, वह वैसी ही छवि अपने दिमाग में जीवन भर के लिए बिठा लेता है।

वातावरण अच्छा हो तो बच्चे तेजी से सीखते हैं प्रो. अखिल मेहरोत्रा ने कहा कि कोचिंग में बच्चों की मानसिक मजबूती के साथ ही उनका सामाजिक और शारीरिक विकास भी करें। मुफलिसी में जीने वालों की सामाजिक समझ काफी बेहतर होनी चाहिए, तभी वह अपने समाज से गरीबी का चश्मा उतार फेंकेगा। उन्हें एक उचित शैक्षणिक वातावरण दें, क्योंकि वातावरण अच्छा होगा तो बच्चे तेजी से सीखते हैं।

उत्तर प्रदेश के बाहर भी चल रही हैं कई कोचिंग

महामना सेवा समिति के नूतन और पुरातन छात्रों द्वारा वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के बाहर भी कई कोचिंग चलाए जा रहे हैं। इस कोचिंग की वाराणसी में रविवार को शुरुआत करने वालों में पुरातन छात्र सुनील यादव, गालिब अंसारी, राज कुमार गुड्डू, अनूप सिंह, प्रशांत यादव बीडीसी, अरविंद गुप्ता, आशीष यादव, जय प्रकाश, शिखर और गांव के लोग मौजूद रहे।

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