PM मोदी अंधे छात्रों के साथ न्याय करें:वाराणसी में अंध विद्यालय में 9 से 12 की कक्षाओं की पढ़ाई बंद हुई, दिव्यांग छात्रों ने बनाई मानव श्रृंखला, बोले - हमें पढ़ने दीजिए

वाराणसीएक वर्ष पहले
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अंध विद्यालय में 9 से 12 तक की पढ़ाई जारी रखने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर छात्र हाथ में ऐसे ही पोस्टर लेकर खड़े थे। - Dainik Bhaskar
अंध विद्यालय में 9 से 12 तक की पढ़ाई जारी रखने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर छात्र हाथ में ऐसे ही पोस्टर लेकर खड़े थे।

वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई बंद किए जाने के विरोध में दृष्टिबाधित छात्रों ने सोमवार की शाम मानव श्रृंखला बनाई। छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि विद्यालय बंद कर उनका भविष्य न चौपट किया जाए। प्रधानमंत्री ने हमें दिव्यांग नाम दिया है तो कम से कम वह अपनी बात का लिहाज रखते हुए हमें पढ़ने दें। इस दौरान छात्रों ने बनारस के आम नागरिकों के नाम पत्र जारी किया और जमकर नारेबाजी करते हुए विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई जारी रखने की मांग की।

श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई जारी रखने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर मांग करते छात्र और लोग।
श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई जारी रखने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर मांग करते छात्र और लोग।

49 साल पहले खोला गया था अंध विद्यालय

छात्रों ने बताया कि अंध विद्यालय 1972 में खोला गया था। 1984 में इसे 10वीं की और 1992 में 12वीं की मान्यता मिली। विद्यालय में 250 छात्रों के पठन-पाठन की आवासीय व्यवस्था है। विद्यालय में बनारस और पूर्वांचल के ही नहीं बल्कि कई राज्यों के छात्र भी पढ़ते हैं। विद्यालय के ट्रस्टी शहर के बड़े व्यापारी हैं। वह विद्यालय की जमीन का इस्तेमाल व्यवसाय के लिए करना चाहते हैं। इसी वजह से बजट की कमी और सरकार से अनुदान न मिलने की बात कह कर उन्होंने 9 से 12 तक की कक्षाएं बंद करने की घोषणा कर दी। प्रदेश और देश में वैसे भी दृष्टिबाधित छात्रों के लिए अंध विद्यालय नहीं है। यह भी विद्यालय बंद होने के बाद हम सब कहा जाएंगे।

अंध विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई जारी रखने की मांग करता छात्र।
अंध विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई जारी रखने की मांग करता छात्र।

सरकार विद्यालय का अधिग्रहण कर ले

दृष्टिबाधित छात्रों ने कहा कि हमारी केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग है कि वो श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय का अधिग्रहण कर लें। विद्यालय से निकाले गए छात्रों का पुन: दाखिला हो। विद्यालय में पुन: 9 से 12 तक की कक्षा की पढ़ाई शुरू हो। अगर विद्यालय में दोबारा पढ़ाई नहीं शुरू हुई तो उत्तर प्रदेश ही नहीं कई राज्यों के दृष्टिबाधित छात्रों का भविष्य चौपट हो जाएगा और उनके सामने जीवन यापन के लिए भिक्षाटन ही एकमात्र सहारा बचेगा। छात्रों ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अंध विद्यालय और इसके दृष्टिबाधित छात्रों के भविष्य से जुड़ी समस्या पर गंभीरता से विचार करेंगे। हम शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं होंगे, इसका हमें भरोसा है।

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