रंग लाया लोगों का विरोध:वाराणसी के रामनगर में बंद कराया गया कोयला डिपो, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर लोग 15 दिन से दे रहे थे धरना

वाराणसी5 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश में वाराणसी के रामनगर स्थित कोयला डिपो को लेकर बीते 15 दिन से लगातार जारी धरना और जन आक्रोश को देखते हुए आखिरकार उसे बुधवार की शाम बंद कराकर सील कर दिया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि विधिक प्रक्रिया का पालन कर कोयला डिपो को सीज किया गया है।

डिपो के मालिक इस संबंध में अदालत में गुहार लगा सकते हैं। अदालत का जो आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा। उसके पहले यदि दोबारा कोयला डिपो खोला गया तो संचालक के खिलाफ कानून कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी। वहीं कोयला डिपो बंद होने से खुश इलाके के लोगों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का आभार जताया।

कोयला डिपो सील कराते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी।
कोयला डिपो सील कराते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी।

काशी राजपरिवार की सदस्य से जमीन ली गई थी किराये पर

रामनगर थाना अंतर्गत कोदोपुर स्थित 36वीं वाहिनी परिसर के समीप काशी राजपरिवार की जमीन है। उसी जमीन के छह बीघा के भूखंड में कानपुर के व्यापारी वीरेंद्र गुप्ता ने साल 2020 में दीपावली के समय कोयला डिपो खोला था। कोयला डिपो खोले जाने के साथ ही लोग प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर उसे बंद करने की मांग शुरू कर दिए थे। वहीं, डिपो संचालक का कहना था कि वह विधिक प्रक्रियाओं का पालन कर काम कर रहे हैं इसलिए बंद नहीं करेंगे।

बीत 15 दिन से भाजपा महानगर कार्यसमिति के सदस्य विमलेश कुमार सिंह और स्थानीय लोग रोजाना धरना देकर डिपो को बंद कराने की मांग कर रहे थे। इस पर मंगलवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने उन्हें आश्वस्त किया था कि इस संबंध में बुधवार को ठोस निर्णय लिया जाएगा। इसी क्रम में बुधवार को प्रदूषण, राजस्व, खनन, आरटीओ और पुलिस की संयुक्त टीम डिपो पहुंची।

जन आक्रोश और थाने की रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई

एसीपी कोतवाली प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि रामनगर थाने से रिपोर्ट आई थी कि कोदोपुर में सड़क किनारे कोयला डिपो खोले जाने से स्वास्थ्य संबंधी कारणों और प्रदूषण को लेकर लोगो में आक्रोश है। विरोध प्रदर्शन के कारण शांति और कानून व्यवस्था प्रभावित होती है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस, प्रशासन, राजस्व, खनन, प्रदूषण और आरटीओ की टीम ने आकर मुआयना किया। मुआयने के बाद सभी इस नतीजे पर पहुंचे कि आबादी वाले इलाके में कोयला का संचालन उचित नहीं है। इसलिए उसे सील कर दिया गया है।

डिपो संचालक को अगर प्रतीत हो रहा हो कि उनके साथ गलत हुआ है तो वह अदालत जा सकते हैं। अदालत का जो भी आदेश होगा वह सभी को मान्य होगा। इसके साथ ही रामनगर थाना प्रभारी को कहा गया है कि वह औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि डिपो की सील न टूटे और यहां किसी भी तरीके का कामकाज न हो।

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