BHU में धरना, ई-लॉटरी एडमिशन पर विरोध:CHS स्कूल में एंट्रेंस से एडमिशन कराने की मांग; छात्र बोले- छीना जा रहा टैलेंटेड बच्चों का अधिकार

वाराणसी2 महीने पहले
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BHU में बीते तीन महीने से CHS स्कूल में एंट्रेंस से एडमिशन कराने की मांग उठ रही है। इसी क्रम में आज भी छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया। - Dainik Bhaskar
BHU में बीते तीन महीने से CHS स्कूल में एंट्रेंस से एडमिशन कराने की मांग उठ रही है। इसी क्रम में आज भी छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के CHS स्कूल में ई-लॉटरी सिस्टम एडमिशन को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुआ। BHU में सेंट्रल ऑफिस के बाहर गेट छेककर छात्रों ने धरना भी दिया। छात्रों ने नारे लगाते हुए कहा कि ई-लॉटरी से संविधान की धज्जियां उड़ाईं जा रहीं हैं। यह असंवैधानिक है। एंट्रेंस सिस्टम फिर से बहाल हो। आम आदमी पार्टी BHU इकाई और युवा संघर्ष समिति के सदस्यों ने जमकर विश्वविद्यालय के खिलाफ में नारे लगाए।

BHU के सेंट्रल ऑफिस में छात्रों ने धरना दिया।
BHU के सेंट्रल ऑफिस में छात्रों ने धरना दिया।

इस दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर सेंट्रल ऑफिस को खाली कराने का प्रयास किया। इस दौरान सुरक्षागार्डाें ने छात्रों को जबरन गेट से हटाया। खींचतान के बाद छात्रों ने जोर-जोर से नारे लगाए और कुलपति से मिलने के लिए अड़े रहे। हालांकि, वहां पहुंचे प्रॉक्टर डॉ. धीरेंद्र राय ने गेट पर ही कुलपति के नाम छात्रों का ज्ञापन लिया। इसके बाद करीब एक घंटे से चल रहा धरना समाप्त हो गया।

9th और 11th के बच्चों का छीना जा रहा अधिकार
धरना देते हुए छात्रों ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार उच्च शिक्षा नीति पर बड़ी-बड़ी हांक रहे, लेकिन उन्हें यह दोषपूर्ण सिस्टम नहीं दिखता। प्रधानमंत्री के ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी के CHS में ई-लॉटरी सिस्टम से कराकर क्लास 9th और 11th के मेधावी बच्चों का प्रवेश रोका जा रहा। उनका अधिकार छीनका जान-पहचान और रसूखदारों को वरीयता दी जा रही है। यह अन्याय है। छात्रों ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत शिक्षा हमारा अधिकार है। साथ ही अनुच्छेद 51(A) में दिए गए 11 मूल कर्तव्य में भी शिक्षा की बात कही गई है। भारत के हर वर्ग जाति का बच्चे को 8 वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक निशुल्क शिक्षा दिलाना राज्य सरकार का काम है।

उच्च शिक्षा पर बड़ी-बड़ी हांक रही सरकार
धरना देते हुए छात्रों ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार उच्च शिक्षा नीति पर बड़ी-बड़ी हांक रहे, लेकिन उन्हें यह दोषपूर्ण सिस्टम नहीं दिखता। प्रधानमंत्री के ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी के CHS में ई-लॉटरी सिस्टम से कराकर क्लास 9th और 11th के मेधावी बच्चों का प्रवेश रोका जा रहा। उनका अधिकार छीनका जान-पहचान और रसूखदारों को वरीयता दी जा रही है। यह अन्याय है। छात्रों ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत शिक्षा हमारा अधिकार है। साथ ही अनुच्छेद 51(A) में दिए गए 11 मूल कर्तव्य में भी शिक्षा की बात कही गई है। भारत के हर वर्ग जाति का बच्चे को 8 वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक निशुल्क शिक्षा दिलाना राज्य सरकार का काम है।