छात्रसंघ चुनाव के लिए बैठे धरने पर:वाराणसी में काशी विद्यापीठ के छात्रों का प्रदर्शन; बोले- मांग नहीं माने जाने तक नहीं उठेंगे

वाराणसी16 दिन पहले
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छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र। - Dainik Bhaskar
छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र।

वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने के लिए शुक्रवार से छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। छात्रों का कहना है कि जब तक हमारी मांग नहीं पूरी होगी हम धरने पर बैठे रहेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की ओर से दो दिन का समय दिया जा रहा है। उसके बाद हम अपनी मांग के लिए आमरण अनशन शुरू करेंगे। छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित हुए बगैर हम सब यहां से नहीं उठने वाले हैं।

छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र।
छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र।

24 दिसंबर 2021 को होना था मतदान

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 24 दिसंबर 2021 को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान होना था। डीसीपी वरुणा जोन आदित्य लांग्हे ने शहर में वीवीआईपी मूवमेंट की वजह से पुलिस फोर्स की कमी बताई थी, इसके चलते 20 दिसंबर 2021 को विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव स्थगित कर दिया था। चुनाव स्थगित होने की घोषणा के बाद से ही छात्र लामबंद हैं। इसी क्रम में महात्मा गांधी स्मारक के सामने विश्वविद्यालय के छात्र और नामांकन करने वाले प्रत्याशी धरना दे रहे हैं। सभी का दो टूक कहना है कि चुनाव कि तिथि की घोषणा होने तक वह धरने पर बैठे रहेंगे।

कुलपति कहते हैं मामला हाईकोर्ट में है

धरने में शामिल अभिषेक सोनकर ने कहा कि छात्रों के साथ बैठक कर छात्रसंघ चुनाव की तिथि 24 दिसंबर घोषित की गई थी। 17 दिसंबर को हम सभी ने नामांकन किया था। अचानक 20 दिसंबर की शाम डीसीपी वरुणा जोन के लेटर का हवाला देकर हमारा चुनाव स्थगित कर दिया गया।

अभिषेक ने बताया कि इसके बाद हमने प्रदर्शन किया तो हमसे कहा गया कि कुलपति आप लोगों से बात करेंगे लेकिन कुछ नहीं हुआ। हम लोगों ने 31 दिसंबर को धरना दिया तो कहा गया कि 5 जनवरी को कुलपति नई तारीख का ऐलान करेंगे। लेकिन, फिर उन्होंने हाईकोर्ट में मामला जाने का हवाला देते हुए बात करने से ही इंकार कर दिया। ऐसे में हम लोग यहां धरना दे रहे हैं और यह अनिश्चितकालीन है। अभिषेक ने कहा कि जब तक चुनाव की तिथि नहीं घोषित होगी हम लोग प्रदर्शन जारी रखेंगे और दो दिन बाद आमरण अनशन शुरू करेंगे।

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