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ट्रेजडी किंग का काशी से रहा है नाता:दिलीप कुमार 1966-67 में संघर्ष फिल्म की शूटिंग करने आए थे वाराणसी, दालमंडी के होटल ताज का भोजन उन्हें खूब भाया था

वाराणसीएक महीने पहले
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वाराणसी निवासी मोहम्मद ताज जब जिंदा थे तो उन्होंने अपनी और अपने सुपरस्टार की यह तस्वीर बनवाई थी। - Dainik Bhaskar
वाराणसी निवासी मोहम्मद ताज जब जिंदा थे तो उन्होंने अपनी और अपने सुपरस्टार की यह तस्वीर बनवाई थी।

बॉलीवुड के ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार का वाराणसी से भी एक खास नाता रहा है। 1968 में रिलीज हुई फिल्म संघर्ष वाराणसी के एक पुजारी पर आधारित थी। इस फिल्म की शूटिंग भी वाराणसी के अलग-अलग हिस्से में हुई थी। संघर्ष की शूटिंग के लिए 1966-67 में दिलीप कुमार वाराणसी आए थे। वाराणसी में शूटिंग के दौरान होटल ताज के मालिक मोहम्मद ताज के हांथो बना हुआ भोजन बॉलीवुड के सुपरस्टार को इस कदर भाया कि वह उनके मुरीद हो गए। फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार की ही तरह मोहम्मद ताज भी अब दुनिया में नहीं हैं। हालांकि जब तक वह जिंदा रहे मुंबई जाने पर दिलीप कुमार से उनकी मुलाकात जरूर होती थी।

हमने नहीं देखा, अब्बाजान से कई किस्से सुने हैं

मोहम्मद ताज के बेटे मोहम्मद अल्ताफ उर्फ गुड्‌डू ने बताया कि हमने तो दिलीप कुमार साहब को नहीं देखा है। अब्बाजान उनके इतने बड़े फैन थे कि हमारे होटल में आज तक दिलीप कुमार साहब की तस्वीरें लगी हुई है। होटल ताज में बना भोजन दिलीप कुमार की टेबल तक कैसे पहुंचा।

इस सवाल पर गुड्‌डू ने बताया कि दिलीप कुमार साहब के भोजन की व्यवस्था के लिए मुंबई से ही एक शख्स आए थे। दालमंडी क्षेत्र में उनकी ठीकठाक जान पहचान थी। उन्होंने ही उनके भोजन की जिम्मेदारी अब्बाजान को दी। अपने चहेते सुपरस्टार के लिए भोजन बनाने की जिम्मेदारी अब्बाजान ने खुद निभाई।

अब्बाजान बताते थे कि जब दिलीप कुमार साहब खाना खा लिए तो उन्होंने कहा कि ताज मियां अब जब तक हम बनारस रहेंगे, सुबह का नाश्ता और दोपहर व रात का भोजन आपके ही हाथ का खाएंगे। इसके बाद दिलीप कुमार साहब और शूटिंग के लिए आए सभी लोगों का खाना हमारे ही होटल में बनता था। गुड्‌डू ने कहा कि दिलीप कुमार साहब के इंतकाल की सूचना मिली तो उनके लिए हमने आज कुरआन ख्वानी की। इसके साथ ही उनके मगफिरत की दुआ भी की गई।

उन दिनों कैमरे न होने का अब्बाजान को था मलाल

गुड्‌डू ने बताया कि दिलीप कुमार वाराणसी में शूटिंग के दौरान 2 बार उनके होटल आए थे। उन दिनों कैमरे यदाकदा लोगों के पास ही होते थे। दोनों बार दिलीप कुमार जब भी आए तत्काल कैमरे की व्यवस्था नहीं हो सकी। अपने होटल में अपने सुपरस्टार के साथ फोटो न खिंचा पाने का अब्बाजान को बहुत मलाल था।

बाद में उन्होंने अपनी और दिलीप साहब की एक तस्वीर को एक फ्रेम में बनवा कर लगवाया था। गुड्‌डू ने कहा कि अब्बाजान दुनिया से रुखसत हो चुके हैं। आज उनके सुपर स्टार भी इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिए। जन्नत के दरवाज़े पर शायद अब्बाजान दिलीप कुमार साहब का इंतज़ार कर रहे होंगे।

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