बनारस से शुरू होगा आयुर्वेद आधारित आहार अभियान:संपूर्णानंद में शुरू होगा 'आयुर्वेद आहार और पोषण' में डिप्लोमा कोर्स; जल्द आएगा सिलेबस

वाराणसी2 महीने पहले
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वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी में अब "आयुर्वेद आहार और पोषण में डिप्लोमा" कोर्स शुरू होगा। बेहतर न्यूट्रिशन, रेगुलर वर्कआउट और पर्याप्त नींद को आधार बनाकर सिलेबस तैयार किया जा रहा है। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने आज वाराणसी में बताया कि हमारे स्वास्थ्य का आधार हेल्दी फूड पर टिका है। इसलिए शरीर की जरूरतों के अनुसार ही उसे इनपुट दिया जाना चाहिए। न्यूट्रिशन एलिमेंट्स की अधिकता और कमी दोनों ही एक समान नुकसानदायक है। इसका पूरी कम्युनिटी में गलत ट्रेंड देखा जा रहा है।

संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी में कुलपति और अन्य अधिकाारियों ने बैठक में लिया डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का फैसला।
संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी में कुलपति और अन्य अधिकाारियों ने बैठक में लिया डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का फैसला।

विशेषज्ञ बना रहे सिलेबस

संस्कृत भारती के अखिल भारतीय महासचिव श्रीशदेव पुजारी के सहयोग और मार्गदर्शन में इस काेर्स को चलाया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा इसके सिलेबस पर काम चल रहा है। जल्द ही सामने लेकर आया जाएगा। कुलपति प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि यह कोर्स 1 साल का होगा। इसकी पढ़ाई करने वाले छात्रों के माध्यम से सोसायटी के लोगों को जागरुक किया जाएगा।

कुपोषण और मोटापा से मिलेगी राहत

श्रीशदेव पुजारी ने बताया कि दुनिया भर में कुपोषण, मोटापा, एंजायटी आदि समस्याओं को आहार दुरस्त करके ठीक किया जा सकता है। वहीं शरीर में बहुत से सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होती है जिससे गैर-संक्रामक बीमारियां भी शरीर में आ जाती हैं। इन सभी को हम इस कोर्स का हिस्सा बनाएंगे। ऊर्जा व पोषण असंतुलन की स्थिति से इंसान पर क्या प्रभाव पड़ रहा है इसका भी अध्ययन किया जाएगा। भारत सहित तमाम विकासशील देशों में कुपोषण का दोहरा बोझ है। न्यूट्रिशन-स्पेक्ट्रम के दोनों छोर पर गंभीर तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कहा कि इसी को देखते हुए भारतीय चिकित्सा पद्धति से युक्त आयुर्वेद में बताए गए आहवा-विहार, स्वस्थ जीवन, स्वस्थ विचार आदि को सिलेबस में शामिल किया जा रहा है। इस कोर्स से बनारस से एक जनजागरण अभियान की शुरूआत होगी।

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