वाराणसी... काशी विद्यापीठ में 100 साल बाद बना SC/ST सेल:कैम्पस में भेदभाव और जूनियरों को तंग करने करने वाले पाएंगे सजा, प्रोफेसर रेखा बनी सेल की संयोजक

वाराणसीएक वर्ष पहले
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SC/ST सेल के साथ ही काशी विद्यापीठ कैंपस में रैंगिग और जूनियर से होने वाली अभद्रता पर भी नकेल कसी गई है। - Dainik Bhaskar
SC/ST सेल के साथ ही काशी विद्यापीठ कैंपस में रैंगिग और जूनियर से होने वाली अभद्रता पर भी नकेल कसी गई है।

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आज एक साथ 3 सेल (SC/ST, एंटी रैंगिंग और स्कायड कमेटी) बनाए गए। सबसे पहले SC/ST सेल (अनुसूचित जाति/ जनजाति विशेष प्रकोष्ठ) का गठन किया गया। विश्वविद्यालय के 100 साल के इतिहास में पहली बार इस सेल का गठन हुआ है। कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुका है। लेकिन, अफसोस की बात है कि जातीय भेदभाव को कैंपस से खत्म करने के लिए इस अहम सेल का निर्माण नहीं किया गया। अब विश्वविद्यालय में हर वर्ग के लोगों के पास बराबर का प्रतिनिधित्व होगा।

प्रो. त्यागी ने समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर रेखा को इस सेल का संयोजक बनाया गया है। वहीं इसमें सदस्य के तौर पर प्रोफेसर भावना वर्मा, डॉ. नीरज कुमार सोनकर, दीपक कुमार, प्रमोद कुमार और अंजनी कुमार शामिल हैं। इससे पहले वाराणसी के केवल काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ही इस तरह का सेल था।

प्रो. त्यागी ने समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर रेखा को इस सेल का संयोजक बनाया गया है।
प्रो. त्यागी ने समाजशास्त्र विभाग की प्रोफेसर रेखा को इस सेल का संयोजक बनाया गया है।

एंटी रैंगिंग और स्कायड कमेटी गठित

SC/ST सेल के साथ ही काशी विद्यापीठ कैंपस में रैंगिग और जूनियर से होने वाली अभद्रता पर भी नकेल कसी गई है। आज एंटी रैगिंग स्क्वायड कमेटी का भी गठन कर दिया गया। कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने बताया कि कैंपस में अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर निरंजन सहाय को कमेटी का संयोजक नियुक्त किया है। वहीं, डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. बंशीधर पांडेय, साइंस एंड टेक फैकल्टी हेड प्रोफेसर सत्या सिंह, प्रोफेसर अनुराग और प्रॉक्टर सुभाष कुमार मिश्र को सदस्य बनाया गया है।

इसके अलावा काशी विद्यापीठ में 1 एंटी रैगिंग कमेटी भी बना दी गई है। इसमें भी डॉ. बंशीधर पांडेय को संयोजक, प्रोफेसर अनुराग कुमार, सोशल साइंस के प्रोफेसर संजय, एजुकेशन फैकल्टी के डीन प्रोफेसर सुशील गौतम को सदस्य बना दिया गया है। वहीं इसमें जिला प्रशासन का भी एक प्रतिनिधित्व होगा।

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय कुलपति की ओर से नामित 2 स्टूडेंट रिप्रजेंटेटिव ( फ्रेसर छात्र-छात्रा) को भी सदस्य बनाया गया है। कुलपति प्रो. त्यागी ने बताया कि वर्तमान सत्र 2021 -22 के प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही वह 2 और छात्रों के नाम सदस्य के रूप में सामने लाएंगे।

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