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'ओवैसी बंधुओं के बहकावे में मुसलमान ना आएं':यूपी मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन बोले- बच्चों का भविष्य संवारने के लिए हो रहा सर्वे

वाराणसी2 महीने पहले
उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि मदरसों की कोई जांच हो ही नहीं रही है।

उत्तर प्रदेश में मदरसों के सर्वे पर सवाल उठा रहे लोगों पर वाराणसी में डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि मदरसों के सर्वे पर सबसे पहले हैदराबाद से ओवैसी बंधुओं ने आवाज उठाई थी। उनके बच्चे अमेरिका और लंदन में पढ़ रहे हैं। उनके बच्चे बैरिस्टर और डॉक्टर हैं।

मैं मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करूंगा कि ऐसे लोगों के बहकावे में ना आएं। यह सरकार की एक प्लानिंग है कि हम सर्वे के माध्यम से पता करें कि हमारे जो भी बच्चे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ रहे हैं, उनकी शिक्षा की गुणवत्ता क्या है। उनके मदरसे की बिल्डिंग और बिजली-पानी के साथ ही अन्य सुविधाएं कैसी हैं।

आने वाले दिनों में उन बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। बच्चे सभी हमारे हैं और उनके भविष्य को संवारने के लिए ही सरकार सर्वे करा रही है। उत्तर प्रदेश की सरकार की नीयत साफ है और मुस्लिम समाज के लोग इसमें सहयोग करें।

मुस्लिम समाज के सभी बच्चे अच्छी जगह पढ़ें

डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि हैदराबाद के ओवैसी बंधु खानदानी लोग हैं। यह हाई प्रोफाइल लोग अपने बच्चों को उच्च शिक्षा विदेशों में दिलाते हैं। मुस्लिम समाज के गरीब और कमजोर परिवारों के बच्चों की शिक्षा को लेकर सियासत कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की सरकार मुस्लिम समाज के उन्हीं शोषित, वंचित और पिछड़े परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाना चाह रही है। ओवैसी बंधुओं से हमारी गुजारिश है कि आप अपने बच्चों को विदेश में पढ़ाएं। मगर, मुस्लिम समाज के अन्य बच्चों को भी देश में अच्छी जगह पढ़ने दें।

कोई जांच हो ही नहीं रही है

डॉ. जावेद ने कहा कि मदरसों की कोई जांच हो ही नहीं हो रही है। बीती 15 जून को हमारे बोर्ड की बैठक हुई थी तो राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की एक चिट्‌ठी मिली थी। उस चिट्‌ठी में लिखा था कि मदरसों में बच्चों की पढ़ाई कैसे हो रही है। मदरसों की शिक्षा की गुणवत्ता क्या है। कुछ घटनाएं ऐसी भी हुई थी कि बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ था। यह पता नहीं चल पा रहा था कि कितने मदरसे गैर मान्यता प्राप्त है।

उत्तर प्रदेश में 16,506 मदरसे मान्यता प्राप्त हैं और उसमें 560 मदरसों को सरकार अनुदान देती है। इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया कि मदरसों का सर्वे करा कर यानी उनके बारे में जानकारी जुटा कर उनकी स्थिति के साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता को भी सुधारा जाए।