काशी में 14 घंटे से स्थिर हैं गंगा:वाराणसी में त्योहारों के सीजन में देवनदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता, 5 फोटो में देखें हालात

वाराणसी9 महीने पहले
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काशी में गंगा का जलस्तर शनिवार की रात 9 बजे से स्थिर है। इसे लेकर नाविकों और तीर्थ पुरोहितों ने राहत की सांस ली है। - Dainik Bhaskar
काशी में गंगा का जलस्तर शनिवार की रात 9 बजे से स्थिर है। इसे लेकर नाविकों और तीर्थ पुरोहितों ने राहत की सांस ली है।

दिवाली, छठ और देव दीपावली की तैयारियों के बीच गंगा के बढ़ते जलस्तर ने काशीवासियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि सुकून की बात यह है कि शनिवार रात 9 बजे से गंगा का जलस्तर स्थिर है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, रविवार की सुबह 11 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 64.97 मीटर था। शनिवार की रात 9 बजे भी जलस्तर 64.97 मीटर था।

इससे पहले गंगा का जलस्तर प्रति घंटे 1 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा था। गौरतलब है कि वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 और खतरे का बिंदु 71.262 मीटर है। वहीं, बाढ़ का उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर है।

गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों के समीप ही स्नान करते लोग।
गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों के समीप ही स्नान करते लोग।

तीसरी बार गंगा घाटों का संपर्क टूटा
अस्सी घाट पर मछुआ प्रकोष्ठ के महानगर संयोजक भरत साहनी ने बताया कि कार्तिक मास में तो ऐसा नहीं होता था कि गंगा का जलस्तर बढ़े। इस साल तीसरी बार ऐसा हुआ है कि गंगा घाटों का संपर्क एक-दूसरे से टूटा है। इसका बुरा असर हम नाविकों की आजीविका पर पड़ेगा। फिलहाल तो गंगा में नौकायन को लेकर खतरे जैसी कोई बात नहीं है। लेकिन, त्योहारों के सीजन में रोजाना बढ़ रहे गंगा के जलस्तर ने नाविक समाज की चिंता बढ़ा दी है। मोक्षदायिनी से हम सबकी यही विनती है कि वह अब शांत हों और त्योहारी सीजन में गंगा पुत्रों को दो पैसे कमाने दें।

पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण काशी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण काशी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा है।

छठ और देव दीपावली की तैयारियां नहीं हुई शुरू
छठ पूजा इस बार 8 नंवबर से शुरू होगी और देव दीपावली 18 नवंबर की है, लेकिन दोनों ही पर्वों की तैयारियां अभी तक गंगा घाटों पर शुरू नहीं हो सकी हैं। गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष पंडित किशोरी रमन दुबे ने कहा कि जलस्तर में कमी नहीं आएगी तो छठ पूजा और देव दीपावली के आयोजनों को लेकर संशय की स्थिति बनी रहेगी। अमूमन कार्तिक मास में ऐसा नहीं होता था। गौरतबल है कि छठ पूजा और देव दीपावली पर सामने घाट से लेकर राजघाट तक गंगा किनारे लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है। इसके मद्देनजर पुलिस की ओर से सुरक्षा संबंधी व्यापक इंतजाम किए जाते हैं।

काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर घाटों का संपर्क एक-दूसरे से टूट गया है।
काशी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर घाटों का संपर्क एक-दूसरे से टूट गया है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से अभी तक काशी में छठ पूजा और देव दीपावली की तैयारियां भी नहीं शुरू हुई हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से अभी तक काशी में छठ पूजा और देव दीपावली की तैयारियां भी नहीं शुरू हुई हैं।